एशियाई खेलों में स्वर्ण की उम्मीद कबड्डी टीम के लिए दबाव के बजाय प्रेरणा में बदल जाती है : पवन सहरावत

For the kabaddi team, the expectation of gold at the Asian Games turns into inspiration rather than pressure: Pawan Sehrawat

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : सुनील कुमार की अगुआई में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम 2026 मं आईची-नगोया (जापान) में होने वाले एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक की प्रमुख दावेदार के रूप में उतरेगी। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के तुरुप के रेडर पवन सहरावत का मानना है कि भारत की जर्सी पहन कर एशियाई खेलों में खेलने उतरना बड़े गर्व और जिम्मेदारी की अनुभूति कराता है। पवन सहरावत का मानना है कि भारतीय पुरुष कबड्डी टीम की निगाहें एशियाई खेलों में कबड्डी का स्वर्ण पदक जीतने पर है।भारत की पुरुष कबड्डी टीम आईची नगोया (जापान) में होने वाले एशियाई खेलों अपने अभियास का अगाज 21 सितंबर, 2026 को करेगी और फाइनल 26 सितंबर, 2026 को होगा। एशियाई खेलों में कबड्डी में भारत की नुमाइंदगी करने की बाबत पवन सहरावत ने कहा, ‘मैं एशियाई खेलों के लिए भारत जैसे बड़े देश में की 12 सदस्यीय पुरुष कबड्डी टीम में चुने जाने पर बहुत गर्व महसूस कर रहा हूं। जब मैं भारत की जर्सी पहनता है तो मैं बहुत जिम्मेदारी का अहसास करता हूं क्योंकि बतौर कबड्डी टीम हम पर पूरे देश की उम्मीदों का बोझ होता है और भारत को शानदार नतीजे मिले इसके लिए हमें जरूरत सही दिशा में आगे बढ़ने की होती है।

भारत का एशियाई खेलों में कबड्डी में शानदार इतिहास रहा और उसकी पुरुष और महिला टीमों ने अब तक इसमें 11 स्वर्ण, एक रजत और एक कांसा जीता है।एशियाई खेलों में एक और स्वर्ण पदक की आस में भारतीय कबड्डी टीम ने 5 से 15 सितंबर तक साई स्पोटर्स ट्रेनिंग सेंटर, गांधीनगर में जमकर तैयारी की।

पवन सहरावत के नाम बतौर खिलाड़ी प्रो कबड्डी लीग मे सबसे ज्यादा 39 रेड अंक का रिकॉर्ड है। पवन सहरावत ऐसा महसूस करते हैं कि एशियाई खेलों में स्वर्ण की उम्मीद टीम के लिए दबाव के बजाय प्रेरणा में बदल जाती है। पवन कहते हैं,‘ दरअसल आप किसी ऐसे व्यक्ति से कुछ आस करते हैं जो उसका वाकई हकदार हो। हर कोई एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम से स्वर्ण की आस करता 1हैं और यह कबड्डी टीम के लिए गर्व का क्षण है। हमारी पुरुष कबड्डी टीम से भारत को स्वर्ण पदक दिलाने की आस की जा रही है और यह वाकई हमारे लिए गर्व की बात है। हमारी भारतीय कबड्डी टीम से एशियाई खेलों में स्वर्ण की आस के प्रेरणा मे बदलने से हमारा खेल आसान हो जाता है। हमारी कबड्डी ने आपस में बहुत वक्त गुजारा है और इससे हममें किसी भी उच्च स्तर पर आपस में बेहतरीन तालमेल बन चुका है। हमने आपस में मिल कर जम कर अभ्यास किया, हमारी टीम आत्मविश्वास से भरी है। एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में चुने गए सभी 12 खिलाड़़ियो के बीच बेहतरीन तालमेल है और हममें सभी को एक दूसरे पर भरोसा है।सबसे अहम बात यह है कि हम एशियाई खेलों में बस स्वर्ण पदक जीतने के लिए उतरेंगे। एशियाई खेलों में कबड्डी का स्वर्ण जीतने की चाह हम सभी को एक करती है और एक टीम बेशक ऐसी ही होनी चाहिए।

2026 के एशियाई खेलों के लिए भारतीय कबड्डी टीम :
सुनील कुमार (कप्तान), पवन सहरावत, असलम इनामदार आशु मलिक, आयन लोछब, देवांक लाल, अर्जुन देशवाल, जयदीप दहिया, राहुल सेठपाल, गौरव खत्री, सुमित सांगवान।