रविवार दिल्ली नेटवर्क
- पत्रकारों के परिवारों को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए : राजीव दत्ता
- यूनाइटेड प्रेस क्लब ने दिवंगत पत्रकारों को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने दिया भाईचारे का संदेश
लुधियाना : दुनिया को अलविदा कह चुके पत्रकारों की स्मृति में यूनाइटेड प्रेस क्लब की ओर से शुक्रवार को गुरु नानक देव भवन, लुधियाना में धार्मिक सद्भावना सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के ओएसडी एवं राजस्थान कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव दत्ता ने की। सभा में दिवंगत पत्रकारों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनकी आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की गई।
कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लिया। सभा का उद्देश्य दिवंगत पत्रकारों की सेवाओं को याद करना, उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना तथा समाज में धार्मिक सद्भाव, भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करना रहा।
पत्रकारों के परिवारों को सहयोग देना जरूरी : राजीव दत्ता
सभा को संबोधित करते हुए राजीव दत्ता ने दिवंगत पत्रकारों के परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकार अपने जीवन में समाज और लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके निधन के बाद उनके परिवारों को सामाजिक और आर्थिक संबल देना भी समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने पत्रकारों के परिवारों को यह भरोसा दिलाने की आवश्यकता बताई कि कठिन समय में वे अकेले नहीं हैं। दिवंगत पत्रकारों की स्मृति में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करना उनके योगदान को सम्मान देने के साथ-साथ समाज में मानवीय संवेदनाओं को जीवित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
समर सिंह ने भी किया संबोधित
कार्यक्रम के अंत में यूनाइटेड प्रेस क्लब के अध्यक्ष समर सिंह ने संबोधित करते हुए दिवंगत पत्रकारों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पत्रकारों की एकता, सम्मान और कल्याण के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने का कार्य करते हैं, इसलिए उनके योगदान और उनके परिवारों के प्रति समाज की जिम्मेदारी को भी समझना चाहिए।
सभा में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने प्रार्थना के माध्यम से आपसी सद्भाव, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम दिवंगत पत्रकारों के प्रति सम्मान और उनके परिवारों के साथ खड़े रहने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।





