भारत पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी में खिताबी छक्का जड़ने उतरेगा

India will aim to win six titles in men's Asian Champions Trophy hockey.

  • हरमनप्रीत-फुल्टन की जोड़ी के पास भारत को लगातार तीसरी बार खिताब जिताने का मौका
  • भारत को खिताब के लिए मलयेशिया व जापान से मिल सकती है चुनौती
  • चोट के चलते आक्रामक मनप्रीत सिंह टूर्नामेंट से हुए बाहर
  • आधा दर्जन बूढ़े शेरों का विदाई टूर्नामेंट हो सकता है एशियन चैंपियंस ट्रॉफी

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : दुनिया के बेहतरीन कप्तान ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह और चीफ कोच क्रेग फुल्टन की जुगल जोड़ी के पास भारत को लगातार तीसरी बार हीरो पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी 2026 खिताब जिताने का मौका है। बेशक सबसे ज्यादा पांच बार का चैंपियन भारत (2011, 2016, 2018, 2023 और 2025) इस बार खिताबी छक्का जड़ने के मकसद से उतरेगा। भारत 2018 में मस्कट (ओमान) में फाइनल के बारिश के चलने धुलने के चलते पाकिस्तान के साथ संयुक्त विजेता रहा। भारत साथ ही 2012 में उपविजेता और 2021 में तीसरे स्थान पर रहा है। भारत के बाद इस टूर्नामेंट की दूसरी सबसे कामयाब टीम है पाकिस्तान (2012, 2013, 2018), जिसने अब तक तीन बार खिताब जीता है। पाकिस्तान के सुरक्षा कारणों का बहाना बना कर टूर्नामेंट से हटने से उसकी जगह आखिरी वक्त में बांग्लादेश को टूर्नामेंट में जगह मिली है। 2025 में इनर मंगोलिया में हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में भारत ने अपनी नौजवान खिलाड़ियों से सज्जित डेवलेपमेंट टीम के साथ जुगराज सिंह के इकलौते गोल से चीन को फाइनल में हरा कर खिताब बरकरार रखा था। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन कर आठवें स्थान पर रहने के बाद काकामिगहारा (जापान) में एशियाई खेलों में भारत ने मलयेशिया को फाइनल में 5-1 से हरा कर पुरुष हॉकी का पहली बार स्वर्ण बरकरार रखा।

भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी आक्रामक सेंटर हाफ मनप्रीत सिंह पुट्ठे की मांसपेशी में खिंचाव के चलते टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। मनप्रीत सिंह की जगह विवेक सागर प्रसाद संभालेंगे।‘

भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा,‘ हर टीम यहां टूर्नामेंट जीतने आई है। सभी टीमें मजबूत हैं और हम किसी भी प्रतिद्वंदवी को हल्के में नहीं ले सकते हैं। हर कोई टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रष्ठ देने की कोशिश करेगा। हमारी टीम खासी अनुभवी और परिपक्व है। हम हर प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करते हैं।‘

लंबे अरसे के बाहर रहने के बाद गोलरक्षक कृष्ण बहादुर पाठक ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए मोहित एचएस की जगह टीम में भारतीय टीम में वापसी की है। वहीं विश्व कप में खेलने के बाद एशियाई खेलों के लिए टीम से बाहर किए जाने के बाद आक्रामक मिडफील्डर आदित्य अर्जुन लालगे और ड्रैग फ्लिकर अमनदीप लाकरा ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम में लौटे हैं। मेजबान भारत को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी में खिताब बरकरार रखने के लिए मलयेशिया और जापान से ही चुनौती मिल सकती है। भारत ने 2026 खेलों में पाकिस्तान के खिलाफ पूल मैच को छोड़ कर अपने सेमीफाइनल और फाइनल सहित अपने सभी मैच एकतरफा अंदाज में जीते थे। मनप्रीत सिंह के पुठ्ठे की चोट के चलते बाहर होने से अब मौजूदा भारतीय टीम में पंजाब के नौ खिलाड़ी रह गए हैं।भारत की एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए चुनी गई टीम में कप्तान हरमनप्रीत सिंह,जुगराज सिंह, जर्मनप्रीत सिंह, राजिंदर सिंह, हार्दिक सिंह, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, मंदीप सिंह व गोलरक्षक कृष्ण बहादुर पाठक के रूप में पंजाब के नौ खिलाड़ी इसलिए शामिल हैं क्योंकि पंजाब मेजबानी कर रहा है। हॉकी इंडिया और भारतीय टीम प्रबंधन फिलहाल संभवत: प्रयोगों और टीम में बदलाव करने से बचा है। बुढ़ाते स्ट्राइकर मंदीप सिंह, मिडफील्डर फुलबैक अमित रोहिदास , जर्मनप्रीत सिंह व गोलरक्षक सूरज करकेरा का विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने और भारत के एशियाई खेलों स्वर्ण पदक जीतने के बावजूद प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था और इन सभी के टीम में बने रहने पर सवालिया निशान है। एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में भारत चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिला आखिरी मिनट में अभिषेक नैन के गोल से जैसे तैसे भले ही जीत गया लेकिन इसमें मंदीप सिंह, अमित रोहिदास, जर्मनप्रीत सिंह व गोलरक्षक सूरज करकेरा थके नजर आए उससे साफ संकेत हैं एशियन चैंपियंस ट्रॉफी उनका आखिरी टूर्नामेंट साबित होने वाला है। ऐसे संकेत हैं कि भारत के करीब आधा दर्जन ये बूढ़े शेर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के बाद या तो खुद सम्मान से अपनी हॉकी टांग दें अन्यथा हॉकी इंडिया मजबूरन कड़े फैसले लेने को मजबूर हो सकती है। हॉकी इंडिया के सूत्रों पर यकीन करें तो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी भारत के इनलगभग आधा दर्जन बुढ़ाते खिलाड़ियों का विदाई टूर्नामेंट हो सकता है। इसके संकेत चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने भारत के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद इस बयान से मिलता है कि उनकी निगाह अब 2028 के लिए भारत की नई टीम बनाने पर है। तबमुमकिन है एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के बाद 2028 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक की साइकिल में नई भारतीय टीम बनाने के क्रम में फिलहाल टीम से बाहर हरियाणा के डिफेंसिव मिडफील्डर यशदीप सिवाच ,आक्रामक सेंटर हाफ राज कुमार पाल अरिजित सिंह हुंदल, उत्तम सिंह, विष्णुकांत सिंह के साथ नवोदित अंगदबीर सिंह की टीम में वापसी हो सकती है।

भारत अपने अभियान का आगाज जालंधर में 27 अक्टूबर को बांग्लादेश के खिलाफ करने के बाद 29 अक्टूबर को चीन , 30 अक्टूबर को जापान, 1 नवंबर को मलयेशिया और 2 नवंबर को आखिरी लीग मैच दक्षिण कोरिया के खिलाफ खेलेगा। भारत के सभी लीग मैच शाम सात बजे से शुरू होंगे। मेजबान भारत सहित टूर्नामेंट में मलयेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन व बांग्लादेश सहित छह टीमें राउंड रॉबिन लीग में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जालंधर में एक दूसरे के खिलाफ खेलेंगी और शीर्ष चार में रहने वाली टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेगी। मोहाली में 4नवंबर को दोनों सेमीफाइनल और पांचवें व छठे स्थान पर रहने वाली टीमों का मैच और 5 नवंबर को फाइनल व तीसरे स्थान के मैच होंगे।