भारत की निगाहें चीन को भी हरा दूसरी जीत के साथ सेमीफाइनल की ओर कदम बढ़ाने पर

India eyes defeating China and moving towards semi-finals with second win

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली :अनुभवी स्ट्राइकर मंदीप सिंह की हैट्रिक की बदौलत मौजूदा और पांच बार के चैंपियन भारत ने पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी के राउंड रॉबिन अपने पहले मैच में बांग्लादेश पर जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में मंगलवार को अपने अभियान का आगाज 13-0 से बड़ी जीत के साथ किया। भारत की निगाहें अब बृहस्पतिवार को आधी नई टीम के साथ टूर्नामेंट मे शिरकत करने उतरने वाली पिछली उपविजेता चीन को भी हरा लगातार दूसरी जीत के साथ सेमीफाइनल की ओर अपने मजबूत कदम बढ़ाने पर टिकी हैं। हरमनप्रीत की अगुआई में भारत ने अपनी डेवलेपमेंट टीम के खेलते हुए भी चीन को ही 2025 में हुलनबीर (चीन) में पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी फाइनल में जीत के 1-0 से हरा कर लगातार दूसरी बार खिताब जीता था।

मंदीप सिंह ने बांग्लादेश के खिलाफ मंगलवार को खुद तीन बेहतरीन मैदानी गोल करने के साथ कप्तान फुलबैक हरमनप्रीत सिंह के लंबे स्लैप शॉट का बेहतरीन इस्तेमाल करगोल दागने के साथ भारत को बराबर पेनल्टी कॉर्नर भी दिलाए थे। विजेता भारत के लिए साथ ही कप्तान हरमनप्रीत सिंह ,दिलप्रीत सिंह व हार्दिक सिंह ने दो दो तथा अभिषेक नैन, शिलानंद लाकरा, नीलकांत शर्मा व जुगराज सिंह ने एक एक गोल किया। भारत की इस बड़ी जीत में जालंधर की सुरजीत हॉकी अकेडमी में हॉकी का ककहरा सीख कर अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में एक अलग मुकाम हासिल करने वाले आधा दर्जन खिलाड़ियों ने ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम गोल किए।

ड्रैग फ्लिकर बेनहई चेन के दो और याकी वांग और मोदा नी के एक एक गोल के बावजूद चीनी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में मलयेशिया से मंगलवार को 4-5 से हार से आगाज करने के बावजूद अपने जीवट से हर किसी को प्रभावित किया। मलयेशिया एशियाई खेलों के फाइनल में भारत से 1-5 से हारने वाली करीब करीब पूरी टीम के साथ इस टूर्नामेंट में शिरकत करने आई है। अपने सबसे बुजुर्ग सेंटर हाफ व रशर मनप्रीत सिंह के पुट्ठे की मांसपेशी में खिंचाव के चलते अपने घर जालंधर में ही टूर्नामेंट से बाहर होने पर आक्रामक सेंटर हाफ की भूमिका नौजवान सेंटर हाफ विवेक सागर प्रसाद ने बांग्लादेश के खिलाफ शिद्दत से निभाई ही उनका हार्दिक सिंह, मौजूदा एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी के बाद अंतर्राष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कहने की घोषणा करने वाले नीलकांत शर्मा और राजिंदर सिंह जूनियर ने बढ़िया साथ निभाया।

भारत के हौसले बेशक बांग्लादेश पर बड़ी जीत से आगाज करने पर अब बृहस्पतिवार को चीन के खिलाफ मैच से पहले बुलंद होंगे। भारत के लिए अच्छी बात यह रही कि मीठापुर गांव (जालंधर) के बाशिंदे मंदीप सिंह ने अपने घर में पहला अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैच खेलते हुए बांग्लादेश के खिलाफ हैट्रिक जमाने के साथ गोल के अभियान बनाने के साथ अपनी टीम को बराबर पेनल्टी कॉर्नर भी दिलाए। भारत को चीन के खिलाफ बृहस्पतिवार के ड्रैग फ्लिकर बेनहई चेन से चौकस रहना होगा। करीब तीन बरस बाद एशियन चैंपियंस ट्रॉफी से भारतीय टीम में वापसी करने वाले उसके गोलरक्षक पंजाब के नेपाली मूल के गोलरक्षक कृष्ण बहादुर पाठक और सूरज करकेरा को मुस्तैदी दिखानी होगी। भारत के 2026 के एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप में खासतौर पर गोलरक्षक सूरज करकेरा और मोहित सबसे कमजोर कड़ी साबित हुए थे। चीन की टीम भी गोल करने के लिए जवाबी हमलों और पेनल्टी कॉर्नर ही भरोसा करती है। ऐसे में भारत की रक्षापंक्ति में अमित रोहिदास, कप्तान हरमनप्रीत सिंह,जुगराज सिंह के साथ अनुभवी मिडफील्डर हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद और राजिंदर सिंह को अपने हाफ में अपनी 25 गज की रेखा से बाहर रोकने की कोशिश करनी होगी। भारत के लिए सबसे सुखद बात यह है कि अनुभवी मंदीप सिंह, नौजवान पर सबसे चपल अभिषेक नैन, शिलानंद लाकरा, सुखजीत सिंह और आदित्य अर्जुन लालगे बढ़िया तालमेल से खेल कर गेंद एक दूसरे को लेते देते डी में पहुंच खुद गोल करने के साथ बराबर पेनल्टी कॉर्नर भी बना रहे है। सोने पर सुहागा यह कि दुनिया के बेहतरीन ड्रैग फ्लिकर कप्तान ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, अमनदीप लाकरा, संजय और अमनदीप लाकरा के रूप पेनल्टी कॉर्नर पर ड्रैग फ्लिकर के रूप में गोल करने करने वाले पांच खिलाड़ी उसे बहुत विकल्प देते हैं।
पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी, बृहस्पतिवार : भारत वि चीन(जालंधर, शाम 7 बजे से)।