साहित्यकार एवं पत्रकार सत्य भूषण शर्मा को ‘मुंशी प्रेमचंद राष्ट्रीय साहित्य सृजन सम्मान–2026’

‘Munshi Premchand National Literary Creation Award – 2026’ to litterateur and journalist Satya Bhushan Sharma

रविवार दिल्ली नेटवर्क

राष्ट्रीय साहित्यिक अभियान में मौलिक सृजन एवं रचनात्मक सहभागिता के लिए मिला सम्मान-पत्र

उदयपुर : साहित्यिक एवं पत्रकारिता जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में साहित्यकार एवं पत्रकार सत्य भूषण शर्मा,उदयपुर को ‘मुंशी प्रेमचंद राष्ट्रीय साहित्य सृजन सम्मान–2026’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान कला साहित्य दर्पण प्रकाशन मंच की ओर से आयोजित 40 दिवसीय राष्ट्रीय साहित्यिक सृजन एवं सम्मान अभियान के अंतर्गत मौलिक साहित्य-सृजन में सहभागिता के लिए प्रदान किया गया।

सत्य भूषण शर्मा की लेखनी में साहित्यिक संवेदना, सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति दिखाई देती है। उनकी रचनात्मक अभिरुचि साहित्य, संस्कृति, समाज और जीवन के विविध पक्षों को शब्द देने की दिशा में सक्रिय है। पत्रकारिता और साहित्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता लेखन को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि जनचेतना जागृत करने, सकारात्मक विचारों को प्रोत्साहित करने और समाज को नई दृष्टि प्रदान करने का साधन बनाती है।

राष्ट्रीय साहित्यिक परिप्रेक्ष्य में हिंदी की समृद्ध परंपरा और समकालीन सामाजिक सरोकारों को जोड़ने वाली लेखनी का विशेष महत्त्व है। सत्य भूषण शर्मा की साहित्यिक सक्रियता इसी रचनात्मक चेतना को आगे बढ़ाने का प्रयास है। उनकी लेखनी में विचारों की गंभीरता, संवेदनाओं की आत्मीयता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को विशेष स्थान प्राप्त है। साहित्य के माध्यम से मानवीय मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक जागरूकता को प्रतिष्ठित करने का उनका प्रयास उल्लेखनीय है।

यह सम्मान कला साहित्य दर्पण प्रकाशन मंच द्वारा आयोजित उस अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, मौलिक रचनाओं को मंच प्रदान करना तथा हिंदी साहित्य के सृजनात्मक विस्तार को गति देना है। अभियान की निर्धारित अवधि 1 अक्टूबर से 9 नवंबर 2026 तक है। आयोजन में कोम्प्टेक पब्लिकेशन हाउस की भी सहभागिता है।

मुंशी प्रेमचंद के साहित्यिक आदर्शों से प्रेरित ऐसे आयोजन इस विचार को पुष्ट करते हैं कि साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज की विसंगतियों को उजागर करने, जनमानस को संवेदनशील बनाने और बेहतर भविष्य की राह प्रशस्त करने की शक्ति भी है।

सत्य भूषण शर्मा को प्राप्त यह सम्मान उनकी साहित्यिक यात्रा में उत्साहवर्धक उपलब्धि है। यह अवसर हिंदी भाषा, मौलिक लेखन और रचनात्मक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त बनाने की प्रेरणा प्रदान करता है।