महावि‌द्यालय की बालिकाओं ने किया राजस्थान विधान सभा का शैक्षणिक भ्रमण स्पीकर श्री देवनानी से मिली छात्राएं

College girls did an educational tour of Rajasthan Legislative Assembly. Girls met Speaker Shri Devnani.

स्पीकर ने पूछाः संविधान दीर्घा में क्या देखा, छात्राएं बोलीः भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान

जयपुर : राजस्थान विधान सभा का भवन, सदन और राजनैतिक आख्यान संग्रहालय देखने के बाद छात्राओं ने स्पीकर श्री वासुदेव देवनानी से मुलाकात की। स्पीकर के साथ छात्राओं ने समूह चित्र कराया। छात्राओं से स्पीकर श्री देवनानी ने पूछा कि संविधान दीर्घा में क्या देखा? छात्राओं ने स्पीकर श्री देवनानी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने संविधान दीर्घा में संविधान के बाईस भागों के आरम्भ में दर्शाये गये चित्रों में भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान को देखा है।

राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी द्वारा आरम्भ किये गए विधान सभा जनदर्शन कार्यक्रम के तहत उच्च शिक्षा में अध्ययनरत बालिकाओं ने गुरुवार को राजस्थान विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण किया। बालिकाओं ने बताया कि उनके लिए यह भ्रमण महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी अनुभव रहा है।

इस दौरान बालिकाओं ने विधानसभा की कार्यप्रणाली, सदन की कार्यवाही तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था के बारे में स्पीकर श्री देवनानी से जानकारी प्राप्त की। इस भ्रमण का उद्देश्य बालिकाओं को संसदीय परंपराओं, विधायी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराना था। श्री देवनानी ने बालिकाओं को लोकतंत्र, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और संसदीय परंपराओं के महत्व के बारे में मार्गदर्शन भी दिया। विधानसभा का यह भ्रमण बालिकाओं के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी रहा। इससे उन्हें सैद्धांतिक जान के साथ-साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को निकट से समझने का अवसर मिला। महारानी महाविद्यालय की बालिकाओं ने इस शैक्षणिक भ्रमण को उपयोगी बताते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं संसदीय परंपराओं के प्रति अपनी समझ को और अधिक सुदृढ़ किया।

श्री देवनानी ने कहा कि संविधान के बाईस भागों के मुख पृष्ठ पर भारत की संस्कृति और स्वाभिमान को दिखाती हुई तस्वीरें है। उन्होंने कहा कि इन तस्वीरों में भारत की प्राचीन सभ्यता मोहेंजोदडो से लेकर महाभारत में कुरुक्षेत्र और कृष्ण द्वारा दिए गए गीता के ज्ञान, भगवान श्री राम की लंका विजय, भगवान बुद्ध का जीवन चरित्र, महान सम्राट अशोक, उज्जैन के न्यायप्रिय महाराज विक्रमादित्य के राजदरबार, प्राचीन वैदिक गुरुकुल, नालंदा विश्वविद्यालय, भगवान नटराज, रामभक्त हनुमान के साथ ही झांसी की रानी लक्ष्मी बाई, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, छत्रपति वीर शिवाजी और गुरु गोविन्द सिंह को प्रदर्शित किया गया है।