हमारी नदियां, हमारे पर्वत, हमारी झीलें और हमारी परंपराएं पूरे विश्व को आकर्षित करती रही हैं : धामी

Our rivers, our mountains, our lakes and our traditions have been attracting the whole world: Dhami

रविवार दिल्ली नेटवर्क

देहरादून/टिहरी : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विश्वास प्रकट किया कि सुंदर टिहरी झील आने वाले समय में देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में साहसिक खेलों और पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी। इस मौके पर उन्होंने कोटी कालोनी-नई टिहरी रोपवे का निर्माण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की पावन धरा आध्यात्मिकता और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम रही है। हमारी नदियां, हमारे पर्वत, हमारी झीलें और हमारी परंपराएं पूरे विश्व को आकर्षित करती रही हैं। आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टिहरी झील के किनारे आयोजित ये महोत्सव पर्यटन, खेल और स्थानीय संस्कृति तीनों को एक मंच पर लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसी टिहरी झील प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत उदाहरण होने के साथ- साथ साहसिक खेलों के आयोजन स्थल के रूप में तेजी से उभर रही है। यहां आयोजित होने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न जल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दे रही हैं, बल्कि उत्तराखण्ड को वैश्विक खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने का काम भी कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि टिहरी को वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए टिहरी झील में कयाकिंग, कैनोइंग, जेट-स्की, पैरा-सेलिंग, स्कूबा डाइविंग और अन्य साहसिक गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ताकि हमारे युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखण्ड का नाम रोशन कर सकें।
उन्होंने कहा कि आज टिहरी में 400 से अधिक युवा पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह जानकारी खुशी देने वाली है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का रिमोट दबाकर वर्चुअल शिलान्यास किया। यह मार्ग एशियन डेवलपमेंट बैंक के स्तर पर वित्त पोषित है, जिसकी कुल लागत ₹318 करोड़ है। इस मार्ग की लंबाई करीब 15 किलोमीटर है।
इस इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देवडोलियों से आशीर्वाद भी लिया।