पाँच राज्यों में संपन्न हुए शांतिपूर्ण मतदान लोकतंत्र की परिपक्वता और मजबूती का संकेत : डॉ देवनानी

Peaceful polling in five states is a sign of maturity and strength of democracy: Dr Devnani

रविवार दिल्ली नेटवर्क

जयपुर : राजस्थान विधान सभा के अध्यक्ष डॉ वासुदेव देवनानी ने कहा है कि देश के पाँच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के दौरान जिस प्रकार व्यापक रूप से शांतिपूर्ण मतदान हुआ, वह भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और मजबूती का एक महत्वपूर्ण संकेत है। विशेषकर पश्चिम बंगाल में, जहाँ अतीत में चुनावी हिंसा और तनाव की खबरें आम रही हैं, इस बार हुए अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण और भारी मतदान ने लोकतंत्र और भारतीय संविधान एवं चुनाव कराने वाली संवैधानिक संस्थाओं की एक बड़ी विजय के रूप में स्वयं को स्थापित किया है।

विधानसभाष्यक्ष देवनानी ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतन्त्र है और हमारे देश की यह विशेषता है कि यहाँ बिना किसी हिंसा और ख़ून खराबे सत्ता का हस्तांतरण होता आया है। दुनिया में इस प्रकार का उदाहरण बहुत कम देशों में देखने को मिलता है । लोकतन्त्र की इस खूबसूरती के कारण ही भारत को मदर ऑफ़ डेमोक्रेसी कहा जाता है।

देवनानी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के साथ ही अन्य राज्यों तमिलनाडु, असम, केरलम और पुडुचेरी में भी मतदान अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। इन राज्यों में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो लोकतंत्र के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

पश्चिम बंगाल के संदर्भ में यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि राजनीतिक दलों के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा के बावजूद आम जनता ने संयम और समझदारी का परिचय दिया। मतदाताओं ने यह साबित किया कि वे किसी भी प्रकार के दबाव या भय से ऊपर उठकर अपने अधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। यह लोकतांत्रिक चेतना का प्रतीक है।

इसके अतिरिक्त, चुनाव आयोग की सक्रियता एवं सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी मतदाताओं की जागरूकता बढ़ी है। महिलाओं ने मतदान में बड़ी संख्या में हिस्सा लिया । साथ ही युवा मतदाताओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ चुनावी महापर्व में भाग लिया , जिससे यह संकेत मिलता है कि नई पीढ़ी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। हालांकि, कुछ छिटपुट घटनाएँ सामने आईं, लेकिन वे केन्द्रीय बलों की उपस्थिति के कारण चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने में असफल रहीं। कुल मिलाकर, चुनाव आयोग और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कोशिशों ने यह सुनिश्चित किया कि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से पूरे हों।

देवनानी ने कहा कि पश्चिम बंगाल लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य रहा है। यहाँ चुनावों के दौरान हिंसा, बूथ कैप्चरिंग और राजनीतिक टकराव की घटनाएँ अक्सर सामने आती रही हैं लेकिन इस बार चुनाव आयोग की सख्ती, केंद्रीय सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती और प्रशासनिक सतर्कता के कारण स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में रही। मतदाताओं ने बिना भय के अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे महत्वपूर्ण पहलू होता है।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने इस बार संवेदनशील बूथों की पहचान कर वहाँ अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए। साथ ही, वेबकास्टिंग, सीसीटीवी निगरानी और माइक्रो ऑब्जर्वर जैसी व्यवस्थाओं ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में अहम भूमिका निभाई। इसका परिणाम यह रहा कि मतदान के दौरान हिंसा की घटनाएँ न्यूनतम रहीं और आम मतदाता में विश्वास का माहौल बना।इस पूरे परिदृश्य को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि पाँच राज्यों में हुए शांतिपूर्ण मतदान, विशेषकर पश्चिम बंगाल में, भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और परिपक्वता का प्रमाण है। यह न केवल प्रशासनिक सफलता है, बल्कि जनता की जागरूकता और जिम्मेदारी का भी परिणाम है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की अपील के अनुरूप चुनावी हिंसा के चक्र को हमेशा के लिए समाप्त करें।

विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने कहा कि यह चुनाव इस बात का संदेश देता है कि यदि मजबूत इच्छाशक्ति और जनता का सहयोग हो, तो किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में भी लोकतंत्र को मजबूती से स्थापित किया जा सकता है। पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान वास्तव में लोकतंत्र की एक बड़ी विजय के रूप में इतिहास में दर्ज होगा।