दिल्ली में श्रीलंका दूतावास के दिवाली मिलन समारोह में शामिल हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी

Assembly Speaker Vasudev Devnani attended the Diwali get-together of Sri Lankan Embassy in Delhi.

रविवार दिल्ली नेटवर्क

विभिन्न देशों के राजदूतों से की मुलाकात, दीपावली की शुभकामनाएँ दीं; भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामायण के त्याग एवं मर्यादा के संदेश को किया रेखांकित

नई दिल्ली : राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित श्रीलंका के उच्चायोग में आयोजित ‘दिवाली डैज़ल नाइट-2026’ समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न देशों के राजदूतों एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों से मुलाकात की और उन्हें दीपावली की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। समारोह में भारतीय संस्कृति, परंपरा और रामायण के शाश्वत मूल्यों का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया।

ग्लोबल ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (इंडिया) तथा लायंस क्लब दिल्ली वेग की ओर से आयोजित इस समारोह में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी, राजस्थान सरकार के प्रमुख आवासीय आयुक्त रोहित कुमार तथा राजस्थानी अकादमी के अध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

देवनानी ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े मर्यादा, कर्तव्य, त्याग और आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला शाश्वत संदेश है। भगवान श्रीराम का मर्यादित आचरण, माता सीता का धैर्य एवं समर्पण, लक्ष्मण का भ्रातृप्रेम और त्याग तथा भरत का सत्ता के प्रति अनासक्ति का भाव भारतीय संस्कृति के ऐसे आदर्श हैं, जो आज भी समाज को प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने रावण के अहंकार के दमन का उल्लेख करते हुए इस बात को रेखांकित किया कि अहंकार, अन्याय और अधर्म का अंत निश्चित है। वहीं, मर्यादा, सत्य, त्याग और सदाचार जैसे मूल्य मानवता को सही मार्ग दिखाते हैं। रामायण का संदेश किसी एक देश या समाज तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए भी प्रासंगिक है।

देवनानी ने कहा कि दीपावली का पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपने जीवन में सकारात्मकता, सद्भाव, करुणा और सामाजिक समरसता को अपनाने की प्रेरणा देता है।

श्रीलंका के उच्चायोग में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय मिलन समारोह ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के बीच सांस्कृतिक संवाद, आपसी सद्भाव और भारतीय परंपराओं को साझा करने का अवसर प्रदान किया। समारोह में दीपावली के उल्लास के साथ भारतीय संस्कृति की सार्वभौमिक भावना और रामायण के मानवीय मूल्यों का संदेश भी प्रतिध्वनित हुआ।