- सानिका के इकलौते गोल से भारतीय जू.हॉकी टीम ने फाइनल में चीन को हराया
- भारत,चीन,जापान ने जू महिला हॉकी विश्व कप के लिए क्वॅालिफाई किया
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : स्ट्राइकर सानिका चंद्रकांत माणे द्वारा दूसरे क्वॉर्टर के दूसरे मिनट में दागे इकलौते मैदानी गोल की बदौलत पिछले दो बार के चैंपियन भारत ने चिर प्रतिद्वंद्वी मेजबान चीन को मोकी में रविवार को एएचएफ जूनियर महिला हॉकी एशिया कप फाइनल में 1-0 से हरा कर लगातार तीसरी बार खिताब जीत अपनी श्रेष्ठता बरकरार रखी। भारत ने फाइनल सहित अपने छह मैच जीते और इकलौता ड्रॉ इलीट पूल में मेजबान चीन के खिलाफ ही खेला था। भारत (2023, 2024, 2026) ने इसके साथ ही तीन बार जूनियर महिला हॉकी एशिया कप खिताब जीतने के चीन (2004, 2012, 2015) के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली जबकि अब तक सबसे ज्यादा चार बार खिताब जीतने का गौरव दक्षिण कोरिया(1992, 1996, 2000, 2008) को हासिल है। लगातार तीसरी बार खिताब जीतने वाले भारत के साथ उससे हार उपविजेता रही चीन और जापान ने दक्षिण कोरिया को हरा कांसा जीत तीसरे स्थान पर रह 2027 में होने वाले एफआईएच महिला जूनियर हॉकी विश्व कप के लिए क्वॉलिफाई कर लिया। रेनका तेतसुका के पेनल्टी कॉर्नर पर पांचवें मिनट और मोमोका सुजुकी के खेल खत्म होने से चार पहले दागे मैदानी गोल की बदौ़लत जापान की जूनियर टीम ने दक्षिण कोरिया को हरा कर कांसा जीता।
भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम के लगातार बार खिताब जीतने पर हॉकी इंडिया ने टीम की हर खिलाड़ी के लिए तीन तीन लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के हर सदस्य के लिए डेढ़ डेढ़ लाख के रूपये के इनाम की घोषणा की। भारत की जूनियर टीम की कप्तान फुलबैक शिलिमा चानू खाईदम को खेल खत्म होने से पांच मिनट पहले हरा कार्ड दिखाकर दो मिनट के मैदान से बाहर भेजा गया लेकिन इस दौरान कोच टिम व्हाइट के मार्गदर्शन में भारतीय जूनियर टीम ने धैर्य दिखा कर अपनी एक गोल की बढ़त बरकरार रखी। चीन को फाइनल में मात्र एक पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन वह इसका लाभ नहीं उठा सकी जबकि भारत को एक भी पेनल्टी कॉर्नर नहीं मिला।
भारत और चीन की जूनियर टीमें फाइनल के शुरू में खासी नर्वस दिखी। चीनी लड़कियों के बनाए दबाव के सामने भारत की लड़कियों ने बहुत धैर्य दिखा कर अपने किले की चौकसी की। भारत की लड़कियों को दाद देनी होगी कि उन्होंने अपने किले की बहुत ही धैर्य से चौकसी कर चीन को पहले क्वॉर्टर में गोल करने से रोके रखा। सानिका ने मैच के 17 वें मिनट चीनी रक्षापंक्ति की खिलाड़ी को गच्चा दिया और लंबे स्लैप शॉट पर डी के भीतर गेंद को गोल के ठीक सामने पहुंच संभाल चीन की गोलरक्षक जू मेंजियाओ को छका गोल में डाल कर भारत को 1-0से आगे कर दिया। चीन को अगले ही मिनट पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस पर उसके फ्लिकर के शॉट को गलत मानते हुए गोल अमान्य कर दिया। भारत को हाफ टाइम से दो मिनट पहले तब गोल करने का बढ़िया मौका मिला जब उसकी कप्तान शिलिमा चानू चाईदम गेंद को ले खुद चीन की डी में पहुंची और तेज शॉट जमाया लेकिन की गोलरक्षक जू मेंजियाओ ने दस्ताने से गेंद को रोक अपनी टीम को एक और गोल खाने से बचाया। भारत की जूनियर महिला हॉकी टीम हाफ टाइम तक 1-0 से आगे थी। चीन की टीम ने तीसरे क्वॉर्टर में पूरी ताकत बराबरी पाने में झोंक दी। चीन के मैच के 37 वें मिनट में हमले को भांप कर भारत की पूरी रक्षापंक्ति अपनी किले की चौकसी को आ गई और उसकी बराबरी पाने की हसरत पर पानी फेर दिया। चौथे और आखिरी क्वॉर्टर भारत की लड़कियों ने बहुत मुस्तैदी से अपने किले की चौकसी कर एक गोल की बढ़त को आखिर तक कायम रखते हुए फाइनल जीत खिताब पर अपना कब्जा बरकरार रखा।
सानिका,सुप्रिया व पूर्णिमा ने टूर्नामेंट में दागे छह छह गोल
भारत की सानिका चंद्रकांत माणे, अपनी साथी सुप्रिया और पूर्णिमा यादव के साथ संयुक्त रूप से छह छह गोल दाग कर इस टूर्नामेंट में गोल दागने में दूसरे स्थान पर रही। भारत के लिए इस टूर्नामेंट में गीता यादव ने पांच, पूजा साहू व मधु सिदर ने चार चार, पूजा मलिक, सुखवीर और कृष्णा शर्मा ने तीन तीन गोल तथा रोशनी ऐंद ने दो तथा तनूजा टोपो और दिनेश काडू तनुश्री ने एक गोल दागा।





