भारत–रूस संबंधों को नई ऊंचाई देने पर जोर, 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य हासिल करने का भरोसा

Emphasis on taking India-Russia relations to new heights, confident of achieving the target of 100 billion dollar trade by 2030

राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने रूसी संसद के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन से की मुलाकात

प्रमोद शर्मा

नई दिल्ली : राज्यसभा के सभापति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में रूसी संघ की संघीय संसद के राज्य ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन के नेतृत्व में आए रूसी संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान भारत और रूस के बीच संसदीय सहयोग, आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों, द्विपक्षीय व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।

श्री राधाकृष्णन ने व्याचेस्लाव वोलोदिन को राज्य ड्यूमा के अध्यक्ष के रूप में दोबारा निर्वाचित होने पर बधाई दी। उन्होंने सितंबर 2026 में राज्य ड्यूमा के नौवें कार्यकाल के लिए हुए चुनाव के सफल आयोजन पर भी रूसी प्रतिनिधिमंडल को शुभकामनाएं दीं।

आतंकवाद के खिलाफ रूस के समर्थन की सराहना

राज्यसभा के सभापति ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत और रूस के साझा संकल्प को दोहराते हुए इस दिशा में रूस के निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच नियमित संसदीय संवाद आपसी प्राथमिकताओं को समझने, अनुभव साझा करने और सहयोग के नए अवसर तलाशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य

आर्थिक सहयोग का उल्लेख करते हुए श्री राधाकृष्णन ने विश्वास जताया कि दोनों देश अपने नेतृत्व द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार वर्ष 2030 तक सालाना द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने में सफल होंगे। उन्होंने अंतर-क्षेत्रीय सहयोग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क को भी द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।

राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ की तैयारी

बैठक के दौरान भारत और रूस के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ की तैयारियों का भी उल्लेख किया गया। श्री राधाकृष्णन ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों और उच्चस्तरीय यात्राओं को आपसी विश्वास का प्रतीक बताया।

उन्होंने सितंबर 2026 में दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी भाषा का संस्करण भेंट किए जाने का उल्लेख करते हुए इसे दोनों देशों की सांस्कृतिक निकटता का विशेष उदाहरण बताया।

बैठक में संसद सदस्यों के बीच नियमित संवाद और उच्चस्तरीय यात्राओं के महत्व पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच सहयोग को जनहित में और अधिक प्रभावी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, सांसद राघव चड्ढा, डॉ. के. लक्ष्मण, सुजीत कुमार, डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल और संजय कुमार झा सहित राज्यसभा के महासचिव पी. सी. मोदी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।