इंद्र वशिष्ठ
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पाकिस्तानी खुफ़िया एजेंसी (आईएसआई) के पाले हुए शहज़ाद भट्टी के नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां निरोधक अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है
यह सिंडिकेट/ नेटवर्क हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की सीमा-पार तस्करी में शामिल है, साथ ही युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद के लिए उकसाता है। भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सद्भाव को निशाना बनाते हुए, यह सिंडिकेट नफ़रत फैलाने वाला डिजिटल कंटेंट भी प्रकाशित करता था।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री की आतंकवाद के ख़िलाफ़ जीरो टॉलरेंस की सोच को आगे बढ़ाते हुए, गृह मंत्रालय ने शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किया है।
एसबीएन एक ऐसा संगठन है जिसका उद्देश्य देश के भोले-भाले युवाओं और स्थानीय अपराधियों को शामिल करके सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों व नशीले पदाथों की तस्करी तथा आतंकवादी क्रियाकलापों के माध्यम से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, सांप्रदायिक सौहार्द और आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करना है।
सिंडिकेट पर प्रहार-
पिछले महीने स्वतंत्रता दिवस से पहले शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने 14 राज्यों में अभियान चला कर इस आतंकी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। इस दौरान नेटवर्क के खिलाफ 80 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई और 200 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था।
आईएसआई से फंड-
आईएसआई से फंड पाने वाले इस समूह के पास से भारी मात्रा में सामग्री बरामद की गई थी, जिसमें आईईडी/बम , पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले हथगोले/ ग्रेनेड, पिस्तौल, कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले सीसीटीवी कैमरे शामिल थे। यह नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था। शहजाद भट्टी का आतंकी सिंडिकेट भारत में ग्रेनेड, आईईडी और पेट्रोल बम हमलों तथा टारगेटेड किलिंग में शामिल है। ये स्थानीय सहयोगियों को पैसे देकर पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी करवाता था और जासूसी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाता था।
लॉरेंस बिश्नोई का यार-
पहले सोशल मीडिया पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ शहजाद भट्टी के दोस्ताना रिश्तों और उनके वीडियो कॉल वायरल हो चुके हैं। अब दोनों एक दूसरे के दुश्मन हो गए बताते हैं। बिश्नोई जैसे गद्दारों के कारण ही पाकिस्तानी भारत में अपना आतंकी सिंडिकेट बना पाते हैं।





