जर्मनी ने पाकिस्तान के चार बार खिताब जीतने की बराबरी की
सत्येन्द्र पाल सिंह
वावर(बेल्जियम) : स्ट्राइकर मिशेल स्ट्रटहाफ के तीसरे क्वॉर्टर के आखिर में दागे इकलौते गोल और कप्तान फुलबैक टॉम ग्रैमबुश और हयूगो मोंटेजिलास के साथ गोलरक्षक पॉल ज्यां डेनबर्ग की मुस्तैदी से की अपने किले की चौकसी की बदौलत मौजूदा चैंपियन जर्मनी ने जुझारू स्पेन के लहरों की तरह बोले हमलों को नाकाम कर रविवार को यहां 16 वें एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप के फाइनल में बेलफियूज हॉकी एरिना में रविवार को 1-0 से जीत की बदौलत खिताब पर अपना कब्जा बरकरार रखा। जर्मनी ने इसके साथ चौथी बार खिताब जीत कर पाकिस्तान के सबसे ज्यादा चार बार पुरुष हॉकी विश्व कप जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। पूरे जीवट और गजब के संकल्प से खेलने वाली तीसरी बार फाइनल में पहुंचने वाली स्पेन की खिताब जीतने की हसरत एक बार फिर अधूरी रही। स्पेन ने बराबरी पा फाइनल को पेनल्टी शूटआउट में खींच जीत की आस बरकरार रखने के लिए खेल खत्म होने से चार मिनट पहले अपने गोलरक्षक लुइस कैलजाडो को बाहर बुलाया लेकिन उसका यह दांव भी बेकार गया। स्पेन को चार पेनल्टी कार्नर मिले और जर्मनी को एक लेकिन कोई भी टीम इसे गोल में नहीं पाई। जर्मनी ने फाइनल जीत के साथ दूसरे चरण में स्पेन से 1-2 की हार का हिसाब भी चुकता कर दिया। जर्मनी की टीम स्पेन से पूल मैच में अपने गोलरक्षक की गलती के चलते 1-2 से हार गई थी। स्पेन ने 1971 और 1998 में इससे पहले विश्व कप के फाइनल में पहुंचा था। स्पेन 1971 में फाइनल में पाकिस्तान से 0-1 से और 1998 में नीदरलैंड अतिरिक्त समय में 2-3 से हार कर खिताब जीतने से चूक गया था। जर्मनी की टीम इससे पहले छह बार फाइनल में पहुंच कर तीन बार विश्व कप जीतने में सफल रही थी।
जर्मनी के जस्टिन वीगेंड को बाधा पहुंचने पर उसे मैच के दूसरे मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन इस पर बेंडिक्ट श्वार्जअप्ट के ड्रैग फ्लिक को स्पेन के गोलरक्षक ने रोक कर बेकार कर दिया। जोकिम मेनिनी को डी में बाधा पहुंचाने पर स्पेन को मैच के दसवें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन यह बेकार गया। जेरल्ड क्लैप्स अगले ही मिनट गेंद का लेका डी में पहुंचने लेकिन शॉट जमाने में देरी करने स्पेन को बढ़त दिलाने का मौका गंवा दिया। बोरा लैकल ने डी के भीतर पहुंच 22 वें मिनट में जोरदार वॉली जमाई और इस पर जर्मनी के गोलरक्षक ज्यां पॉल डेनबर्ग ने उनके कोण को भांप पर गेंद को अपने पैड से रोक स्पेन को बढ़त लेने से रोका। योनास ग्रोब बाएं से अकेले ही गेंद को लेकर स्पेन की डी में पहुंचे गेंद कोब बॉक्स के भीतर फ्लिक किया लेकिन इस पर माइकल स्ट्रटहाफ गेंद को कब्जे में लेने से चूक गए और हाफ टाइम से दो मिनट पहले जर्मनी के हाथ आया खाता खोलने का मौका फिसल गया। स्पेन के जोकिम मेनिनी,मार्क रेन, जेरल्ड क्लेप् और निकोलस अल्वारेज ने जर्मनी के किले को बिखेरने की कोशिश की लेकिन उसके गोलरक्षक पॉल ज्यां डेनबर्ग और कप्तान फुलबैक टॉम ग्रैमबुश और हयूगो मोंटेजिलास ने मुस्तैदी से अपने किले की चौकसी की। हाफ टाइम तक दोनों टीमों को एक एक पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर पाई। जेरल्ड क्लैप्स ने पोल काब्रे वेलड्रिल को गेंद दी लेकिन वह गेंद पर शॉट लगाते इससे पहले ही उन्हें पहुंचाने पर मैच के 41 वें मिनट में स्पेन को दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन यह बेकार गया। यूगो मोंटेजिलास के गेंद को फ्लिक कर गोल में डालने की कोशिश लेकिन गेंद स्पेन के फुलबैक के पैर पर लग स्ट्रटहाफ को मिली उन्होंने चतुराई से गेंद को गोल में डाल कर जर्मनी को 44 वें मिनट में 1-0 से आगे कर दिया और उनका यह गोल निर्णायक वह विजयदाई साबित हुआ। स्पेन ने अगले मिनट लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन इस मार्क रेकसेंस के ड्रैग फ्लिक को जर्मनी के रशर के साथ गोलरक्षक पॉल ज्यां डेनबर्ग ने रोक कर बेकार कर दिया। स्ट्रटहाफ ने चौथे क्वॉर्टर के तीसरे मिनट में दाएं से डी में पहुंच तेज शॉट जमाया लेकिन उनका निशाना लक्ष्य चूक गया। मार्क रेजकेनो मैच के 52 वें मिनट में डी के भीतर बहुत करीब से गेंद को गोल में डालने से चूके और स्पेन के हाथ आया बराबरी पाने का मौका निकल गया। खेल खत्म होने से चार मिनट पहले स्पेन का अपने गोलरक्षक को बाहर बुलाना भी उसके काम न आया।
अर्जेंटीना ने नीदरलैंड के हरा जीता कांसा : इससे पहले मातियाज रे के खेल खत्म होने से मात्र दो मिनट छठे और आखिरी पेनल्टी कॉर्नर पर दागे दूसरे और निर्णायक गोल की बदौलत की बदौलत अर्जेंटीना ने ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड को 2-1 से हरा कर कांसा जीत लिया। विजेता अर्जेंटीना के लिए टॉमस डॉमनी औ मातियाज रे ने एक एक गोल किया। पराजित नीदरलैंड की ओर से इकलौता गोल फ्लोरिस मिडनहार्प ने दागा। टॉमस डॉमनी ने मैच के 40 वें मिनट में मैदानी गोल कर अर्जेटीना को बढ़त दिलाई। फ्लोरिस मिडनडार्प ने आठ मिनट बाद पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर अर्जेंटीना को एक एक की बराबरी दिला दी। मातियाज रे ने खेल खत्म होने से दो मिनट पहले छठे और आखिरी पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर अर्जेंटीना को 2-1 से जिता कर कांसा दिलाया। नीदरलैंड को छह और अर्जेटीना को तीन पेनल्टी कार्नर मिले और दोनों ने एक एक को गोल किया।





