ओ पी उनियाल
यूं तो पहाड़ अपनी सुरम्यता के लिए जाने ही जाते हैं। लेकिन पहाड़ों में ही कुछ ऐसी जगहें होती हैं जो एक ही नजर में मन को भा जाती हैं। ऐसी ही एक जगह है जिला सिरमौर (वर्तमान में नाहन) की पच्छाद तहसील में नैना टिक्कर ऊंचाई वाला पहाड़ी इलाका। शिवालिक पर्वतश्रृंखला पर लगभग 5000 फीट की ऊंचाई पर चीड़ व देवदार के घने जंगलों से घिरा हुआ यह इलाका पर्यटकों का आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। इसके बीच बसे सुंदर घर एवं रिजॉर्ट/होटल्स इस इलाके की छटा को और भी आकर्षित बना देते हैं। हर तरफ बिखरी हरियाली, बादलों से घिरे पहाड़, मनोरम घाटियां, मंद-मंद हवा के झोंकों से इठलाते चीड़ व देवदार के वृक्ष और इन वृक्षों से फैलती मन को सुकून देने वाली भीनी-भीनी सुगंध। इन घने जंगलों के बीच से गुजरता सर्पाकार सोलन-सरहान-नाहन स्टेट हाईवे नं.2 इतना व्यवस्थित है कि सफर का पता ही नहीं चलता। नाहन से नैना टिक्कर की दूरी लगभग 55-60 किलोमीटर तथा सोलन से 30-32 किलोमीटर है। नैना टिक्कर के आसपास देखने लायक सुरम्य प्राकृतिक दृश्य तो हैं ही भूरेश्वर महादेव, नैनादेवी जैसे धार्मिक स्थल, ट्रैकिंग और सराहां जैसे व्यापारिक केंद्र भी।
आप भी प्रकृति प्रेमी हैं, शांति की तलाश में हैं तो यह जगह बहुत ही उपयुक्त है। यहां ठहरने के लिए रिसॉर्ट/होटल भी हैं।यहीं पर बुटीक रिसॉर्ट “स्टोरि-बाय आईटीसी होटल्स अकनी, नैना टिक्कर, सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) है जो कि हाईवे पर ही स्थित है एवं सबसे बेहतरीन, हर सुविधायुक्त है। जहां से हर तरफ प्रकृति को निहारा जा सकता है। चाहे सूर्योदय की बेला हो या सूर्यास्त का दृश्य। रात को दूर-दूर पहाड़ियों पर बसे घरों की झिलमिलाती रोशनी तो यहां की खूबसूरती को और अधिक बढ़ा देती है। नैना टिक्कर ऐसी पहाड़ी है जिस पर पूरे दिन सूर्य उगने से लेकर सूर्य अस्त होने तक चमचमाती धूप खिली रहती है।
यहां बस, टैक्सी या निजी वाहन से कहीं से भी आसानी से पहुंचा जा सकता है। पर्यटकों के लिए यह पर्वतीय इलाका प्रमुख पड़ाव है। पर्यटक यहां पहाड़ी संस्कृति का भरपूर अनुभव कर सकते हैं।





