भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा एवं आध्यात्मिक चिंतन की वैश्विक प्रासंगिकता पर स्वामी रामात्मानन्द गिरि महाराज ने पनामा में की चर्चा

Swami Ramatmanand Giri Maharaj discussed the global relevance of India's ancient knowledge tradition and spiritual thinking in Panama.

दीपक कुमार त्यागी

स्वामी रामात्मानन्द गिरि महाराज ने योग एवं आयुर्वेद के माध्यम से मानव कल्याण तथा सनातन धर्म के सार्वभौमिक जीवन-मूल्यों के प्रसार की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा की

दिल्ली : दक्षिण अमेरिका स्थित पनामा के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (MICI) में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षण के निदेशक एस. हरदीप सिंह भुल्लर के स्नेहिल आमंत्रण पर स्वामी रामात्मानन्द गिरि महाराज महत्वपूर्ण वार्ता हेतु मंत्रालय पहुँचे।

स्वामी रामात्मानन्द गिरि महाराज ने इस अवसर पर भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा एवं आध्यात्मिक चिंतन की वैश्विक प्रासंगिकता, योग एवं आयुर्वेद के माध्यम से मानव कल्याण तथा सनातन धर्म के सार्वभौमिक जीवन-मूल्यों के प्रसार की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा करते हुए, भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत, वसुधैव कुटुम्बकम् की उदात्त भावना एवं विश्वबंधुत्व के शाश्वत संदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित करने तथा भारत एवं पनामा के मध्य परस्पर सहयोग, सद्भाव और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने के विभिन्न आयामों पर दोनों देशों की उन्नति उत्थान के लिए विचार साझा किए।