अभिषेक के दो बेहतरीन गोल से भारत ने जापान को हरा लगातार तीसरी दर्ज

With two excellent goals by Abhishek, India defeated Japan for the third consecutive time.

अंगदबीर सिंह ने बेहद निराश किया

सत्येन्द्र पाल सिंह

जालंधर : स्टार स्ट्राइकर अभिषेक नैन के दो बेहतरीन मैदानी गोल और उनके द्वारा दिलाए इकलौते पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह और आक्रामक सेंटर हाफ विष्णुकांत सिंह के एक एक गोल की बदौ़लत पांच बार के चैंपियन भारत ने जापान को कुछ पसीना बहा पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी 2026 में शुक्रवार को यहां ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में 4-1 से हरा कर राउंड रॉबिन लीग में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। भारत ने चौथे व आखिरी क्वॉर्टर में तीन गोल कर तीसरी जीत के साथ सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाए। भारत ने आखिरकार बुढ़ाते स्ट्राइकर मंदीप सिंह और इस टूर्नामेंट के खत्म होने के बाद अंतर्राष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कहने की घोषणा कर चुके नीलकांत शर्मा को बाहर रख कर स्ट्राइकर अभिषेक नैन और अनुभवी सेंटर हाफ विवेक सागर प्रसाद को चीन के खिलाफ बाहर रखने के बाद जापान के खिलाफ मैच के लिए वापस टीम में शामिल किया। अभिषेक ने शुक्रवार को भारत के लिए अपना 150 वां अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैच खेलने का जश्न खुद दो गोल करने के साथ मैच का इकलौता पेनल्टी कॉर्नर दिला कर मनाया।

भारत ने नौजवान खिलाड़ियों को मौका देने के क्रम में स्ट्राइकर अंगदबीर सिंह और आक्रामक मिडफील्डर विष्णुकांत सिंह को जापान के खिलाफ मैच में भी बरकरार रखा। पंजाब के अंगदबीर सिंह जहां बुरी तरह नाकाम रहे वहीं विष्णुकांत ने बेहतरीन मैदानी गोल भारत की जीत में योगदान कर दिखाया की आने वाला कल उनका है। भारत के नौजवान अंगदबीर सिंह न तो गेंद को ले जापान की डी में पहुंच पाए और न ही साथी खिलाड़ियों के पास गेंद को संभाल पाए और साथ ही अनुभवी फुलबैक अमित रोहिदास ने डी के भीतर गेंद को पहुंचने के लिए हड़बड़ी में तेज शॉट के जरिए गेंद को पहुंच जापानी खिलाड़ियों को गेंद गंवाते रहे।

जापान ने आक्रामक अंदाज कर पहले ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन इस पर इनडायरेक्ट गोल करने की कोशिश में केन नाकायोशी ने गोल के किनारे शॉट लगा गोल करने का मौका गंवा दिया। केंतारो फुकुदा और रेन काशीवागी भारत की डी में ही मैच के शुरू से मंडराते नजर आए। सुखजीत सिंह ने बाएं से गेंद डी के भीतर डी के भीतर अंगदबीर के लिए बढ़ाई और उनसे मिली गेंद को स्टार स्ट्राइकर अभिषेक नैन ने गोल भारत को तीसरे ही मिनट में 1-0 से आगे कर दिया। रेन काशीवागी ने अगले ही मिनट जवाबी हमला बोल कर तीसरा पेनल्टी कॉर्नर दिलाया लेकिन इस पर केन नागायोशी के फ्लिक पर गेंद अर्जेंटीनी अंपायर जुआन पेड्रो राड्रिग्ज ने के मुताबिक संजय के शरीर पर लगी और इस पर उनके द्वारा दिए पेनल्टी स्ट्रोक को शोता यमादा ने गोल में बदल कर जापान को पहला क्वॉर्टर खत्म होने से ठीक पहले एक एक की बराबरी दिला दी। जापान के कप्तान राइकी फुजियामा के फ्लिक पर मैच के 17 वें मिनट में गेंद भारत के गोल के बेहद करीब से बाहर गई। भारत की रक्षापंक्ति में फुलबैक जुगराज सिंह ने गेंद को जापान के कप्तान फुजीशिमा और केन नागायोशी के कब्जे से गेंद को छीन डी से बाहर कर भारत को बचाया। हाफ टाइम तक दोनों टीमें एक एक गोल से बराबर थी। भारत और जापान का हाफ टाइम पर बराबर का कब्जा रहा। जापान ने एक पेनल्टी स्ट्रोक के साथ चार पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया और भारत के गोल पर छह शॉट जमाए। भारत न मात्र चार शॉट ही जमाए।

हार्दिक सिंह के बीच मैदान से तेज फर्राटे पर सुखजीत सिंह ने तीसरे क्वॉर्टर के तीसरे मिनट डी के भीतर गलत निशाना लगा गोल करने का मौका गंवाया और भारत के हाथ बढ़त लेने का मौका फिसल गया। जापान को मैच के 46 वें मिनट में पांचवां पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस पर उसके कप्तान राइकी फुजीशिमा के फ्लिक पर गेंद गोल के करीब से बाहर चली गई।

अभिषेक को गलत ढंग से रोकने पर भारत को मैच के 42 वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस पर जापान के रेफरल पर तीसरे अंपायर पर यह फैसला पलट दिया गया। अमित रोहिदास के लंबे तेज शॉट पर शिलानंद लाकरा गेंद को कब्जे में लेने के बावजूद डी के भीतर सटीक शॉट लेने से अगले मिनट चूक गए और भारत फिर बढ़त लेने को तरस गया। अभिषेक नैन ने 47 वें मिनट में मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर दिलाया और इस पर ड्रैग फ्लिकर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने तेज अचूक फ्लिक से जापान के गोलरक्षक ताकुमी कितागावा को छका गोल कर भारत को 2-1 से आगे कर राहत दिलाई। हार्दिक के पास गेंद को बाएं संजय ने संभाला और अभिषेक ने उनसे डी के ठीक उपर गेंद संभाली और तेज फ्लिक से जापान के गोलरक्षक कितागावा को छका 51 वें मिनट में मैच का अपना दूसरा गोल कर भारत की बढ़त 3-1 कर दी।

विष्णुकांत ने बाएं से डी में घुस कर खेल खत्म होने से चार मिनट बाद गजब का मैदानी गोल कर भारत को 4-1 से जीत दिला दी।

मलयेशिया की लगातार तीसरी जीत : अबू कमल अजराई के दो और अखिमुलल्लाह अनुर, अजीमुद्दीन कमरूद्दीन, शैलो सिल्वारियूस व आइमन रॉजमैनी के एक -एक गोल की बदौलत 2026 एशियाई खेलों की उपविजेता मलयेशिया ने बांग्लादेश को उसके जीवट के साथ मुस्तैद रक्षण के बावजूद 6-1 से हरा कर लगातार तीसरी जीत दर्ज की। मलयेशिया ने दर्जन भर मिले पेनल्टी कॉर्नर में से चार को पेनल्टी कॉर्नर में बदला।

पराजित बांग्लादेश के लिए अमीरूल इस्लाम ने इकलौता गोल दूसरा क्वॉर्टर खत्म होने से चार मिनट उसे मिले दूसरे पेनल्टी कॉर्नर पर दागा।
दक्षिण कोरिया की पहली जीत :स्ट्राइकर कप्तान योंग बोक किम और जाईहो किम की बेहतरीन जुगलबंदी की बदौ़लत कतीसरे क्वॉर्टर के शुरू में दो छह मिनट के भीतर दागे दो बेहतरीन मैदानी गोल की बदौ़लत दक्षिण कोरिया ने हाफ टाइम तक 0-1 से पिछड़ने के बाद गजब की वापसी कर 2-1की बढ़त हासिल कर बाजी पलट तीन मैचों में पहली जीत दर्ज खुद को सेमीफाइनल की होड़ में बनाए रखा। वहीं चीन की टीम लगातार तीन हार के साथ अंतिम चार की होड़ से लगभग बाहर हो गई। दक्षिण कोरिया की यह जीत इसलिए भी खासी अहम है क्योंकि जूनसियोंग जियोंग को गोता लगा खतरनाक रफ टैकल के लिए मैच के 48 वें मिनट में पीला कार्ड दिखा कर मैदान से बाहर भेजा और इसके बाद वह पूरा मैच दस खिलाड़ियों के साथ खेली। चांगकोंग चेन के आठवें मिनट में मिले पेनल्टी स्ट्रोक पर दागे गोल की बदौलत चीन ने अपना खाता खोला । ड्रैग फ्लिकर जियान वू के पेनल्टी कॉर्नर पर शुरू के दो क्वॉर्टर में आधा दर्जन पेनल्टी कॉर्नर पर ड्रैग फ्लिक के कोण को चीन के गोलरक्षक हुयानयू वे भांप कर दक्षिण कोरिया को पहले हाफ के खत्म होने तक बराबरी पाने से रोके रखा।