रविवार दिल्ली नेटवर्क
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज के फॉरेंसिक विज्ञान विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर के पांच दिनी कार्यक्रम फॉरेंसिक सप्ताह- प्रामाण 2.0 का शंखनाद 22 सितंबर को
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज के फॉरेंसिक विज्ञान विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर के पांच दिनी कार्यक्रम फॉरेंसिक सप्ताह- प्रामाण 2.0 का शंखनाद 22 सितंबर को होगा। कार्यक्रम की थीम अगली पीढ़ी का फॉरेंसिक विज्ञान- साक्ष्य से नवाचार तकः फॉरेंसिक विज्ञान के भविष्य को आकार देना है। प्रामाण 2.0 की शुरुआत 22 सितंबर को फॉरेंसिक मैराथनः सत्य एवम् न्याय के प्रति जागरूकता और फॉरेंसिक शपथ प्रतियोगिता के साथ होगी। फॉरेंसिक वीक के तहत फॉरेंसिक ट्रेजर हंट, फॉरेंसिक पिक्टिओनरी, अपराध आधारित काल्पनिक लघु फिल्म, बाल शोषण पर सामाजिक नाटक, फॉरेंसिक रैंप वॉक, अल्टर ईगो-दो चेहरे, एक पहचान और मनोवैज्ञानिक नृत्य सरीखी रचनात्मक प्रतियोगिताएं शामिल रहेंगी। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. नवनीत कुमार ने बताया, एम्स, नई दिल्ली की डॉ. अनुपमा रैना फॉरेंसिक आपदा प्रबंधन एवम् डीएनए फिंगरप्रिंटिंग पर विशेष व्याख्यान देंगी।
बीडीए टेक्नोलॉजी, नोएडा के सह-संस्थापक श्री अम्बेश तिवारी ऑनलाइन सत्र के माध्यम से फॉरेंसिक अन्वेषण में एआई की भूमिका, आधुनिक विश्लेषणात्मक प्रणालियों और उभरती प्रौद्योगिकियों पर संवाद करेंगे। थिंक साक्ष्य की ओर से आयोजित कार्यशाला और प्रामाण विचार मंच की ओर से स्टुडेंट्स को फॉरेंसिक क्षेत्र में स्टार्टअप, उपकरण निर्माण, परामर्श और स्वरोजगार की संभावनाओं के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्टुडेंट्स के व्यावहारिक कौशल विकास के लिए आपदा प्रबंधन तथा मॉक पुरातात्त्विक उत्खनन का आयोजन होगा। फॉरेंसिक विभाग के एचओडी श्री रवि कुमार बताते हैं, विश्वविद्यालय के विधि महाविद्यालय के सहयोग से आयोजित ‘अनुकरणात्मक न्यायालय’ के जरिए अदालत में फॉरेंसिक साक्ष्यों की वैज्ञानिक प्रस्तुति और न्यायिक प्रक्रिया का जीवंत प्रशिक्षण दिया जाएगा। 26 सितंबर को समापन समारोह और परिणाम घोषणा के साथ होगा, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।





