नवनीत के दो और इशिका के एक गोल से भारत ने महिला हॉकी विश्व कप में पांचवां स्थान पाया

India secured fifth place in the Women's Hockey World Cup with two goals from Navneet and one from Ishika

भारत ने जर्मनी की दीवार को तोड़ 3-1 से जीत दर्ज की

सत्येन्द्र पाल सिंह

ए्म्सतलवीन (नीदरलैंड) : अनुभवी ऑलराउंडर नवनीत कौर के दो और इशिका के एक बेहतरीन मैदानी गोल की बदौलत भारत ने जर्मनी की रक्षापंक्ति की मजबूत दीवार को तोड़ कर यहां वेगनर स्टेडियम में शुक्रवार को 3- 1 से हरा कर 16 वें एफआईएच महिला हॉकी विश्व में अपना अभियान पांचवें स्थान पर रहकर खत्म किया।

भारत की इस जीत में उसकी अपना आखिरी विश्व कप खेल रही आक्रामक मिडफील्डर नेहा के साथ कप्तान सलीमा टेटे के समझबूझ भरे खेल ने अहम भूमिका निभाई। नेहा और सलीमा ने बराबर अपनी साथी स्ट्राइकर नवनीत ,इशिका और दीपिका सहरावत के लिए आगे गेंद बढाने के साथ मजबूती से जर्मनी के हमले भी पीछे आकर नाकाम करने में सुशीला चानू और शिल्पी डबास की मदद की। भारत ने तीन में से एक को गोल में बदला जबकि जर्मनी आधा दर्जन मिले पेनल्टी कॉर्नर में से एक को भी गोल नही बदल पाए और इन पर भारत की दोनों गोलरक्षक सविता और बिच्छू देवी ने मुस्तैदी से अपने किले की चौकसी की।

भारतीय महिला हॉकी टीम का 1974 में पहले संस्करण में चौथे स्थान पर रहने के बाद महिला हॉकी विश्व कप में अब तक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। सलीमा टेटे की अगुआई और चीफ कोच शुएर्ड मराइन के मार्गदर्शन में भारत को यहां पांचवें स्थान पर रहने से अब करीब दो हफ्ते के बाद शुरू होने वाले एशियाई खेलों में खासतौर पर चीन की दीवार को तोड़ कर स्वर्ण पदक जीतने की आस जरूर बंधी है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने कुल छह मैचों में यहां दो जीते, तीन ड्रॉ खेले और इकलौती हार उसने नीदरलैंड के खिलाफ झेलनी पड़ी। जर्मनी ने आखिरी पांच मिनट में अपनी गोलरक्षक को बाहर बुला लिया और इसमें आखिरी मिनट में सोंजा जिमरमैन के पहले शॉट को भारत की गोलरक्षक सविता ने रोका लेकिन रिबाउंड पर लिन क्रिंग्स ने गेंद को गोल में डाल दिया।

भारत ने जर्मनी के खिलाफ सधा आगाज किया। भारत की मध्यपंक्ति में नेहा , कप्तान सलीमा टेटे बलजीत कौर और साक्षी राणा ने बराबर आगे अग्रिम पंक्ति में ललरेमसियामी और नवजोत कौर के लिए गेंद बढ़ाई लेकिन जर्मनी की रक्षापंक्ति ने मजबूती से अपने किले की चौकसी की। लीना माइकल को पहला क्वॉर्टर खत्म होने से ठीक पहले इशिका द्वारा अपनी डी में बाधा पहुंचाने पर दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन दोनों ही बेकार गए। लीना माइकल दूसरे क्वॉर्टर के पहले मिनट में गेंद को लेकर डी में घुसी और वहां उन्हें शिल्पी डबास के रोकने पर जर्मनी को मैच का तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन इस पर गेंद को जर्मनी की खिलाड़ी ठीक से ही पुश ही नहीं कर पाई। सारा स्ट्रॉस ने डी के ठीक उपरसे गेंद को गोल के उपर से बाहर मार कर गोल कर जर्मनी को बढ़त दिलाने का मौका गंवा दिया। नेहा ने बाएं से गेंद संभाल नवजोत कौर के लिए बढ़ाई और उनके शॉट को जर्मनी की गोलरक्षक फिंजा स्टार्क ने रोकने की कोशिश लेकिन लौटती पर भारत की कप्तान सलीमा टेटे के शॉट को रोक कर भारत पर आया खतरा टाला। हाफ टाइम तक कोई भी टीम गोल नहीं कर पाई।

नेहा के बीच मैदान से दिए बेहतरीन पास को बाएं इशिका ने संभाल तेज शॉट जमा तीसराक्वॉर्टर खत्म होने से ठीक पहले जर्मनी की गोलरक्षक फिंजा स्टार्क को छका तीसराक्वॉर्टर खत्म होने से ठीक पहले बढ़िया फ्लिक से गोल कर भारत का खाता खोला। अगले मिनट नवनीत कौर गेंद को अकेले ही लेकर डी में पहुंची और इस पर मिले पहले पेनल्टी कॉर्नर को रशर इनेस वानर ने रोकना चाहा। भारत को मिले एक और पेनल्टी कॉर्नर पर पेनल्टी कॉर्नर हिटर नवनीत कौर ने दनदनाती हिट जमा गोल कर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। भारत ने चौथे और आखिरी क्वॉर्टर में अपनी आक्रामक हॉकी जारी रखी। दीपिका सहरावत के चौथे व आखिरी क्वार्टर के दूसरे मिनट में दाएं से डी के भीतर जमाए बढ़िया शॉट पर नवनीत कौर ने गेंद संभाली और जर्मनी की गोलरक्षक के उपर से गेंद को फ्लिक कर गोल में डाल कर मैच का अपना दूसरा गोल कर भारत की बढ़त 3-0 कर दी। भारत ने इसके बाद भी हमले जारी रखे लेकिन और गोल नहीं कर पाया जबकि जर्मनी के लिए आखिरी मिनटमें लिनक्रिंग्स ने गोल दागस्कोर 1-3 जरूर किया तब मैच उसके हाथ से निकल चुका था।