निकाय के बाद अब गांवों की बारी, पंचायत चुनाव की तैयारी में भाजपा ने कसी कमर

After the civic body polls, it is now the turn of the villages; the BJP has geared up for the Panchayat elections

एन जी भट्ट

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की चुनावी गहमागहमी के बाद अब सियासत का फोकस गांवों की ओर मुड़ गया है। आगामी पंचायती राज चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 25 सितंबर को जयपुर के दादिया में निकाय जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यह आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर हो रहा है और इसे निकाय चुनाव के बाद पार्टी के ग्रामीण चुनावी अभियान की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पार्टी ने इस सम्मेलन में करीब एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है।

नितिन नवीन 25 सितंबर की सुबह अल्बर्ट हॉल में स्वच्छता कार्यक्रम में भाग लेने के बाद वे दादिया पहुंचेंगे। यहां हाल में संपन्न निकाय चुनावों में निर्वाचित भाजपा पार्षदों, चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

दादिया सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष आगामी पंचायतीराज चुनावों की तैयारी है। निकाय चुनाव में सक्रिय रहे संगठन को अब ग्रामीण क्षेत्रों में बूथ, मंडल और जिला स्तर तक और अधिक सक्रिय करने की रणनीति पर जोर रहेगा। आरक्षण की प्रक्रिया भी 23 और 24 सितंबर को पूरी की जा रही है। 23 सितंबर को जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के आरक्षण की लॉटरी तथा 24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंच पदों का आरक्षण निर्धारित है। इससे संभावित दावेदारों की तस्वीर भी काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी। प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए 1403 जिला परिषद सदस्य, 8245 पंचायत समिति सदस्य और 457 प्रधान पदों के आरक्षण की प्रक्रिया बुधवार को हुई है।

भाजपा पंचायत चुनाव में ग्रामीण मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए प्रचार रथों का सहारा लेने की तैयारी में है। दादिया से बड़ी संख्या में प्रचार रथों को रवाना किए जाने की योजना है। पार्टी से जुड़े कार्यक्रम विवरण में 90 प्रचार रथों का उल्लेख है। इन रथों के जरिए केंद्र और राज्य सरकार की ग्रामीण विकास, किसान, कृषि तथा जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गांवों तक पहुंचाने की रणनीति बताई जा रही है।
यह मॉडल भाजपा पहले भी इस्तेमाल कर चुकी है। अप्रैल में नितिन नवीन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘ग्राम-2026’ अभियान के तहत ग्राम रथों को रवाना किया था। अब इसी संपर्क अभियान को पंचायत चुनाव के राजनीतिक माहौल से जोड़कर आगे बढ़ाने की तैयारी है।दादिया सम्मेलन के बाद नितिन नवीन का बिरला सभागार में युवा संवाद कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इसमें युवाओं और नई पीढ़ी से संवाद के जरिए उन्हें संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर रहेगा। भाजपा के लिए यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पंचायत चुनावों में युवा कार्यकर्ताओं की भूमिका बूथ से लेकर प्रचार और जनसंपर्क तक महत्वपूर्ण रहती है।

नितिन नवीन के इस दौरे का समय राजस्थान की चुनावी राजनीति के लिहाज से अहम है। एक ओर निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी हुई है, दूसरी ओर पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की तस्वीर सामने आ रही है। ऐसे में दादिया का सम्मेलन भाजपा के लिए शहरी चुनावी अभियान से ग्रामीण संगठन की ओर संक्रमण का मंच बनता दिखाई दे रहा है। अब पार्टी के सामने निकाय चुनाव में सक्रिय हुए संगठन को गांव-गांव तक विस्तार देने और पंचायत स्तर पर मजबूत चुनावी नेटवर्क तैयार करने की चुनौती है।

राजस्थान की राजनीति में अगले चरण का मुकाबला अब शहरों की सीमाओं से निकलकर गांवों की चौपाल तक पहुंचने वाला है। दादिया से भाजपा का संदेश इसी ग्रामीण राजनीतिक अभियान की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है। भाजपा के साथ कांग्रेस और अन्य दलों द्वारा भी पंचायत राज चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं ।