प्रमोद शर्मा
नई दिल्ली : राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को वर्ष 2026 में निर्वाचित एवं नामनिर्देशित राज्यसभा सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय विषय बोध कार्यक्रम ‘प्रारंभ’ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भारत एक दस्तावेज अर्थात संविधान, एक दृष्टि ‘राष्ट्र प्रथम’ और एक लक्ष्य ‘विकसित भारत @2047’ से एकजुट है।
उद्घाटन समारोह में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, महासचिव पी.सी. मोदी, सांसद तथा राज्यसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। स्वागत भाषण में हरिवंश ने कहा कि नए सांसद अमृत काल में संसद का हिस्सा बने हैं और विकसित भारत-2047 के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि सांसदों का दायित्व सरकार को जवाबदेह बनाना, जनहित के मुद्दे उठाना तथा रचनात्मक सुझाव देना है।
सभापति राधाकृष्णन ने कहा कि इस बार 67 सदस्य पहली बार राज्यसभा पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि सांसद द्वारा पूछा गया प्रत्येक प्रश्न, बनाई गई प्रत्येक नीति, पारित प्रत्येक कानून और सदन में की गई प्रत्येक चर्चा करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने की क्षमता रखती है। उन्होंने सांसदों से संसदीय नियमों और प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करने तथा प्रश्नकाल और शून्यकाल की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि संसद अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीकों के युग में प्रवेश कर चुकी है। ‘वाणी सेतु’ जैसे एआई आधारित उपकरणों के माध्यम से राज्यसभा में विभिन्न भारतीय भाषाओं में रियल-टाइम अनुवाद की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने नए सांसदों से एआई और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर प्रभावी संसदीय कार्य में योगदान देने का आह्वान किया।





