संजय गोयल
नई दिल्ली : विश्व सर्वाधिकार एवं ब्रह्माण्डीय न्याय परिषद WCHRCJ के अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार रक्षक सरदार चरणजीत सिंह ने रिलायंस–HSIIDC SEZ परियोजना से जुड़े भूमि रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।
चरणजीत सिंह ने कहा कि यदि SEZ परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण, संयुक्त उद्यम समझौता Joint Venture Agreement, HSIIDC द्वारा भूमि हस्तांतरण और परियोजना की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई है, तो सूचना का अधिकार RTI के तहत मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड सार्वजनिक सूचना के दायरे में आते हैं और इन्हें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने 1,383 एकड़ भूमि के अधिग्रहण से संबंधित वर्तमान कानूनी स्थिति, स्वामित्व और अधिकारों से जुड़ी जानकारी को स्पष्ट रूप से सार्वजनिक किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनके अनुसार यह विषय भूमि प्रशासन के साथ-साथ किसानों, स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ा हुआ है।
चरणजीत सिंह ने हरियाणा सरकार से परियोजना से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड सार्वजनिक करने, HSIIDC से RTI के तहत लंबित आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा संबंधित पक्षों से पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार पूरी की गई हैं, तो दस्तावेजों को सार्वजनिक करने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।
प्रेस वार्ता में उन्होंने Joint Venture Agreement, भूमि अधिग्रहण रिकॉर्ड, भूमि हस्तांतरण दस्तावेज, SEZ की वर्तमान कानूनी स्थिति, स्वामित्व संबंधी विवरण और परियोजना से जुड़े सरकारी निर्णयों को सार्वजनिक करने का अनुरोध दोहराया। साथ ही उन्होंने लंबित RTI आवेदनों के शीघ्र निस्तारण और आवश्यकता पड़ने पर स्वतंत्र समीक्षा की संभावना पर भी विचार करने की बात कही।
उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि इस मामले को किसी पक्ष या विपक्ष के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सूचना के अधिकार और प्रशासनिक पारदर्शिता के विषय के रूप में देखा जाए।





