दीपक कुमार त्यागी
- आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने डॉक्टर उदिता त्यागी को प्रत्यंगिरा गिरी नाम प्रदान किया
- जियूँगी तो सनातन धर्म के लिए और मरूंगी तो सनातन धर्म के लिए – महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी
- श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े ने सनातन की उग्रतम धारा को दिया बेमिसाल समर्थन
- महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े का अभिन्न अंग – आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज
- श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े ने राजनीति के ऊपर उठकर अपने संत को दिया समर्थन
माया देवी मंदिर, हरिद्वार : श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत स्वामी हरिगिरी महाराज की संस्तुति पर 22 जुलाई 2026 को शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज की शिष्या डॉक्टर उदिता त्यागी को श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े ने महामंडलेश्वर घोषित किया।
श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, वरिष्ठ अध्यक्ष श्रीमहंत स्वामी प्रेम गिरी महाराज, अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत स्वामी महेश पुरी महाराज तथा अन्य संतो डॉक्टर उदिता त्यागी के सभी संस्कार पूर्ण किए और उनको नया नाम ‘प्रत्यंगिरा गिरी’ दिया। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने घोषणा की कि अब से उन्हें महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी के रूप में जाना जाएगा।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज को सम्पूर्ण विश्व में सबसे कट्टर इस्लाम विरोधी संत के रूप में जाना जाता है। साथ ही साथ वो पिछले तीस वर्षों से हर दल की सरकार से हिंदुत्व के मुद्दे पर टकराते रहे हैं। यहां तक कि उन्हें वर्तमान हिंदूवादी सरकार का भी मुखर आलोचक माना जाता है। ऐसे में उनकी शिष्या को महामंडलेश्वर बना कर श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े ने यह संदेश दिया है कि वो हर परिस्थिति में अपने संत के साथ हैं। इस पूरे प्रकरण में देखने वाली बात यह है कि अपने समय की रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली और दो विषयों में पी एच डी करने वाली अति उच्च शिक्षित डॉ उदिता त्यागी ब्यूटी कॉन्टेस्ट की भी विजेता रह चुकी हैं। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज की शिष्या बनने से पूर्व वो भाजपा की एक संभावनावान नेत्री थी। परन्तु अब उन्हें भाजपा और केंद्र सरकार की एक कटु आलोचक के रूप में जाना जाता है। यूजीसी को लेकर सड़क पर सरकार का सबसे ठोस विरोध करने वाले कुछ लोगों में डॉक्टर उदिता त्यागी का नाम शीर्ष पर है। ऐसे में उन्हें महामंडलेश्वर बनाने का अर्थ है कि श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा उनके गुरु द्वारा इस्लामिक जिहाद से लड़ी जा रही वैचारिक लड़ाई में राजनीति से ऊपर उठकर उनके साथ है।
कनखल स्थित हरिहर आश्रम में 22 जुलाई 2026 को आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने डॉक्टर उदिता त्यागी को प्रत्यंगिरा गिरी नाम प्रदान किया और उन्हें श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े का महामंडलेश्वर घोषित किया।महामंडलेश्वर पद पर उनका अभिषेक करते हुए आचार्य महामंडलेश्वर ने उनसे उनके गुरु महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के सिद्धांतों पर संघर्ष करने और सनातन धर्म के लिए हर संभव बलिदान देने का आदेश दिया। इस अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज को श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े का अभिन्न अंग बताया और कहा कि उनका संघर्ष सनातन धर्म की रक्षा के लिए है जो एक संन्यासी का मूल कर्तव्य है।
हरिहर आश्रम में अभिषेक के उपरांत महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी ने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज, स्वामी प्रेमगिरी महाराज, स्वामी महेश पुरी महाराज तथा अन्य संतों के साथ माया देवी मंदिर और आनंद भैरव मंदिर में दर्शन किए और सनातन धर्म के लिए मर मिटने की शपथ ली!
इस अवसर पर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने उनका पूरा नाम महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी घोषित किया और उन्हें श्री महाकाली पीठ हनुमत धाम मुरादनगर का पीठाधीश्वर घोषित कर दिया।





