हरमनप्रीत का दो गोल कर निर्धारित समय में बराबरी दिलाना भारत के काम न आया
सत्येन्द्र पाल सिंह
वावर (बेल्जियम) : कप्तान हरमनप्रीत सिंह मैच के अतिम मिनट पांचवें और आखिरी पेनल्टी कॉर्नर पर मैच का अपना दूसरा गोल कर भारत को मेजबान बेल्जियम के खिलाफ निर्धारित समय में तीन तीन की बराबरी दिलाने के बाद मैच के शूटआउट में खिंचने पर पहले और सुखजीत सिंह के दूसरे प्रयास में चूकने पर यहां बेलफियूज हॉकी एरिना में 16 वें एफआईएच हॉकी एरिना में 3-4 से हार कर आठवें स्थान पर रह अपना अभियान खत्म किया। भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और सुखजीत सिंह के शूटआउट में शुरू के दो प्रयासों को दुनिया के बेहतरीन गोलरक्षकों में से एक बेल्जियम के विंसेंट वनाश ने रोक अपनी टीम को यह संघर्ष जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।भारत के लिए शूटआउट में आखिरी तीन प्रयास में शिलानंद लाकरा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने गोल में बदला जबकि बेल्जियम के लिए टॉम बून, आर्थर डू स्लूवर और रोमन दुवोकोत ने गोल किए जबकि चौथे पर अलेक्जेंडर हैंड्रिक्स ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदला वहीं दूसरे पर विक्टर फूबर्ट के प्रयास को भारत के गोलरक्षक मोहित एसएच ने रोका। भारत के आक्रामक सेंटर हाफ मनप्रीत सिंह के मुंह पर तीसरेक्वॉर्टर में मुंह पर लबूशेर की हॉकी से चोट लगी और फिर मैदान पर नहीं लौटे। भारत के लिए अभिषेक नैन ने पांचवें मिनट में मैदानी गोल किया लेकिन मैदान पर भारत के एक समय 12 खिलाड़ी होने पर मैच के दसवें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह को पीला कार्ड दिखा पांच मिनट के लिए मैदान से बाहर भेजा गया और इस दौरान बेल्जियम ने लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर हाासिल किए लेकिन इन्हें भारत की रक्षापंक्ति ने रोक कर बेकार किया
तेज तर्रार स्ट्राइकर अभिषेक नैन के बेहतरीन मैदानी गोल से भारत ने पांचवें मिनट में खाता खोला। रोमन दुवोकोत के दूसरे क्वॉर्टर के अधबीच चौथे पेनल्टी कॉर्नर पर तेज ड्रैग फ्लिक से गोल कर बेल्जियम को एक एक की बराबरी दिलाई और हयूगो लबुशेरे ने अगले ही मिनट ही मे मिले पांचवें पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल कर मैच में 2-1से आगे कर दिया
भारत के तेज तर्रार स्ट्राइकर अभिषेक नैन ने मैच के पांचवें मिनट में डी में बेहतरीन निशाना जमा गोल कर भारत का खाता खोला। बेल्जियम ने अगले ही मिनट पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन भारत के गोलरक्षक सूरज करकेरा ने अलेक्जेंडर हैंड्रिक्स के फ्लिक को रोक करने की कोशिश लेकिन लौटती गेद टॉम बून के शॉट पर गेंद गोल के उपर से बाहर निकल गई। अच्छा बचाव कर दिया। मैच के दसवें मिनट में मैदान पर गफलत में 12 खिलाड़ी थे और इस कप्तान हरमनप्रीत सिंह को पीला कार्ड दिखा कर पांच मिनट के लिए मैदान से बाहर भेज गया। इस दौरान बेल्जियम ने एक के बाद लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन भारत के गोलरक्षक और रक्षापंक्ति में रशर अमित रोहिदास ने मिल कर अच्छे बचाव कर बेल्जियम को गोल कर बराबरी पाने से रोका। भारत को लगातार 20वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन दोनों को बेल्जियम के गोलरक्षक विंसेंट वनाश ने रोक दिया। ड्रैग फ्लिकर रोमन दुवोकोन ने मैच के 22 वें मिनट में गोल कर मेजबान बेल्जियम को एक एक की बराबरी दिला दी। हयूगो लबोशोर ने अगले मिनट में मिले मैच के पांचवें पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर बेल्जियम को 2-1 से आगे कर दिया। नीदरलैंड को दूसरे क्वॉर्टर में दो और पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारत की रक्षापंक्ति ने इसे रोक कर बेकार किया। तीसरे क्वॉर्टर के पहले मिनट में तीसरे पेनल्टी पर भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने ड्रैग फ्लिक से गोल कर भारत को दो दो की बराबरी दिला दी। आर्थर स्लूवर ने तीसरे क्वॉर्टरके पहले मिनट में गोल कर नीदरलैंड को 3-2 से आगे कर दिया। हरमनप्रीत सिंह ने पांचवें और आखिरी पेनल्टी कॉर्नर पर अंतिम मिनट में गोल कर भारत को तीन तीन की बराबरी दिला मैच शूटआउट में खींच दिया । बेल्जियम ने शूटआउट 4-3 से जीत मैच जीत लिया।





