गोयनका संगम में जड़ों से जोड़ने की अनूठी पहल

Goenka Sangam: A unique initiative to reconnect with one's roots

नीति गोपेन्द्र भट्ट

नई दिल्ली/जयपुर : भारत और विदेशों में व्यापार में अपना परचम लहराने वाले गोयनका समुदाय के लोग अपनी नई पीढ़ी को मातृ भूमि की भीनी खुसबू ,प्राचीन सांस्कृतिक परम्पराओं , इतिहास और पारिवारिक विरासत से भावनात्मक तौर पर जोड़ने के लिए हर साल भाद्रपद अमावस्या को राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी में गोयनका संगम का आयोजन करते हैं ।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा 10 सितंबर को इस समारोह के पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि होंगे जबकि राजस्थान सरकार के शहरी विकास, आवास और स्थानीय निकाय राज्य मन्त्री ( स्वतन्त्र प्रभार ) झाबर सिंह खर्रा पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता करेंगे।इसके इलाबा सांसद , विधायक और अन्य जन प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी भी पुरस्कार समारोह में हिस्सा लेंगे ।

श्री शक्ति गोयनका ट्रस्ट कोलकत्ता के मैनेजिंग ट्रस्टी सुशील कुमार गोयनका ने बताया कि श्री शक्ति गोयनका ट्रस्ट कोलकत्ता के तत्वाधान में इस साल यह गोयनका संगम सात से ग्यारह सितम्बर 2026 को आयोजित किया जा रहा है। इस संगम में ज़ी समूह के चेयरमैन सुभाष चन्द्रा, इमामी ग्रुप के को-चेयरमैन आर एस गोयनका , टैली ग्रुप के चेयरमैन भरत गोयनका , पशुपति ग्रुप के चेयरमैन विष्णु गोयनका , गोल्डन गोयनका समूह के चेयरमैन गिरधारी लाल गोयनका ,टैली सोलूशन्स के चेयरमैन भरत गोयनका , गोल्डी मसाले के डायरेक्टर आकाश गोयनका सहित देश बिदेश के दिग्गज उद्योगपति हिस्सा लेंगे । संगम में देश बिदेश से ब्यापारिक घरानों के लगभग छह सौ लोग इस संगम में शिरकत करेंगे ।

फ़तेह पुर शेखावाटी में आयोजित किये जाने बाले इस पांच दिवसीय “गोयनका संगम 2026 “के चौथे दिन 10 सितम्बर को ब्यापार , समाज सेवा , कला , विज्ञानं , खेल कूद ,शिक्षा , साहित्य , स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने बाले “गोयनका समुदाय ” के शूरवीरों को पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे ।इसी दिन रात्रि को श्रीमती कृष्णा विजयवर्गीय (कोटा ) द्वारा जागरण ओढ़नी उत्सव का आयोजन किया जायेगा । इस अबसर पर प्रमुख कथा बाचक पूजय साध्वी श्रद्धा गोपाल सरस्वती दीदी जी वृन्दावन छह सितम्बर से आठ सितम्बर तक तीन दिन तक धार्मिक प्रवचन देंगी /

इस प्रवचन में स्थानीय लोगों को विशेष रूप से आमन्त्रित किया जाता है ताकि बह धार्मिक प्रवचन सुन सकें और प्रसाद ग्रहण कर सकें । इस दौरान योग साधना ,परिचय मिलन संगोष्ठी ,मोटिवेशन आदि सत्र भी आयोजित किये जायेंगे ।

श्री शक्ति गोयनका ट्रस्ट द्वारा देश की प्रगति में अपना सर्वोच्च स्थान रखने बाले गोयनका परिवार के सदस्यों के लिए वर्ष 2019 में इन बार्षिक पुरस्कारों की शुरुआत की गयी है ।

श्री शक्ति गोयनका ट्रस्ट की अवार्ड समिति के चेयरमैन श्री अरुण गोयनका ने सभी योग्य ब्यक्तियों से स्वयं या पात्र ब्यक्तियों को इस अवार्ड के लिए नामांकित करने का अनुरोध किया । यह नामांकन ट्रस्ट की वेबसाइट पर भेजे जा सकते हैं । इन पुरस्कारों के बिजेताओं की घोषणा सितम्बर 2026 के पहले हफ्ते में की जाएगी। विजेताओं का चयन तीन सदस्य ज्यूरी द्वारा किया जायेगा जिसमे समाज के गण मान्य व्यक्तियों को शामिल किया गया है ।

गोयनका समुदाय का भारतीय उद्योग जगत पर पिछले तीन शताब्दियों से दबदबा रहा है और इन्होने भारत के इलाबा अमेरिका , इंग्लैंड , जापान , दुबई , सिंगापुर सहित अनेक देशों के आर्थिक विकास में अथाह योगदान किया है ।

इस गोयनका संगम में भारत और विदेशों में पैदा हुई नई पीढ़ी को अपने इतिहास से रूबरू करबाया जाता है और गोयनका समुदाय के लोग सामूहिक रूप से अपनी कुल देवी ” बीरा बरजी दादी जी ” के मन्दिर में इकठा होते हैं । इस बर्ष भाद्रपद अमावस्या को लगभग पांच सौ साल पुरानी परम्परा दोहराई जाएगी जब समुदाय के लोग अपनी कुल देवी को सामूहिक रूप से श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे ।

मुलत हरियाणा के बपुरा गांव के वंशज गोयनका समुदाय के लोग ब्यापार रोज़गार के लिए पांच सौ साल पहले फतेहपुर शेखावाटी में आये और फिर अपनी कुल देवी दादी जी का छोटा सा मन्दिर यही स्थापित कर दिया और अब हर साल इसी परम्परा को निभाते हुए पांच दिन तक यहां बास करते हैं।

श्री शक्ति गोयनका ट्रस्ट कोलकत्ता के मैनेजिंग ट्रस्टी सुशील कुमार गोयनका के अनुसार “गोयनका संगम ” का यह उत्सव हर साल इसी समय हिन्दू तिथियों के अनुसार भाद्रपद अमावस्या को आयोजित किया जाता है जिसमे भारत और विश्व के बिभिन्न हिस्सों से समृद्ध परिवारों के गोयनका समुदाय के लगभग छह सौ लोग अपने परिवार सहित पांच दिन तक अपने पूर्वजों के पैतृक स्थल पर रहते हैं और अपने पूर्वजों की आत्मा की शान्ति और बर्तमान पीढ़ी की खुशहाली और प्रगति की कामना करते हैं ।

इस दौरान मारवाड़ी समुदाय से जुड़ी अनेक विशिष्ट धार्मिक रीति रिवाजों , परम्पराओं , खान पान , पहरावे आदि की युवा पीढ़ी को जानकारी दी जाती है ताकि वे अपनी पहचान और परंपराओं को जान सकें।

श्री शक्ति गोयनका ट्रस्ट कोलकत्ता के मैनेजिंग ट्रस्टी सुशील कुमार गोयनका के अनुसार इस संगम का उद्देश्य अपनी व्यावसायिक कुशलता का वैश्विक स्तर पर झंडा बुलंद कर रहे गोयनका समुदाय के लोगों को ब्यक्तिगत तौर पर करीब लाना है क्योंकि डिजिटल के इस युग में ज्यादातर लोग भावनात्मक तौर पर दूर होते जा रहे है ।