- पद्मश्री डॉ. रमाकांत देशपांडे बोले—अब कश्मीर के लोगों को कैंसर के इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत नहीं
- जगदंबिका पाल और गुलाम अली खटाना ने स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण को सराहा; श्रीनगर में दो दिवसीय समारोह संपन्न, लखनऊ में अगले आयोजन की तैयारी
रविवार दिल्ली नेटवर्क
श्रीनगर : शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (SKICC), श्रीनगर में आयोजित दो दिवसीय HIFAA 2026 – Healthcare Iconic Fashion & Awards तथा स्वास्थ्य नायकों के सम्मान समारोह का रविवार को समापन हुआ। समारोह में जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स, स्वास्थ्य स्वयंसेवकों, एंबुलेंस चालकों, वार्ड कर्मचारियों और अन्य अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों सहित 60 से अधिक स्वास्थ्य नायकों को उनके समर्पण और सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
HIFAA 2026 की खास पहल के तहत एशियन कैंसर इंस्टीट्यूट के सहयोग से कैंसर जागरूकता और उपचार को लेकर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान कैंसर के बढ़ते मामलों, समय पर जांच और आधुनिक उपचार की उपलब्धता पर चर्चा हुई।
HIFAA के चेयरमैन और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. रमाकांत देशपांडे ने कहा कि कश्मीर के लोगों को कैंसर के बेहतर इलाज के लिए अब राज्य से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कैंसर के इलाज और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. देशपांडे के अनुसार, कश्मीर में करीब 35,000 कैंसर मरीज हैं, जबकि हर वर्ष लगभग 12,000 नए मरीज इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने कैंसर की समय रहते पहचान, नियमित जांच और आधुनिक उपचार सुविधाओं की पहुंच को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा, “HIFAA का उद्देश्य केवल पुरस्कार देना नहीं है। हमारा प्रयास स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे उन लोगों और संस्थानों को सामने लाना है, जो समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, लेकिन अक्सर उनका काम लोगों की नजरों से दूर रहता है।”
समारोह के पहले दिन उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, भाजपा सांसद एवं वक्फ पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल प्रमुख अतिथि और वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है।
जगदंबिका पाल ने कहा कि मरीज तक समय पर उपचार और आवश्यक सहायता पहुंचाने में डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिक्स, एंबुलेंस चालक, वार्ड कर्मचारी और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था सामूहिक प्रयास और पूरी टीम के समर्पण से तैयार होती है।
उन्होंने HIFAA जैसे आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच उन स्वास्थ्यकर्मियों को पहचान और सम्मान देने का काम करते हैं, जो बिना किसी प्रचार के अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
समारोह के दूसरे दिन भाजपा के राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने शिरकत की। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए युवाओं से सकारात्मक सोच, मेहनत और अपने लक्ष्य के प्रति जुनून के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
खटाना ने कहा कि व्यक्ति की महानता का पैमाना बड़ी गाड़ी, बड़ा बंगला या बड़ा पद नहीं, बल्कि समाज और इंसानियत के लिए किया गया कार्य है। उन्होंने युवाओं को “सकारात्मक सोच, जुनून और कोई बहाना नहीं” को जीवन का मंत्र बनाने का संदेश दिया।
आयोजकों के अनुसार, श्रीनगर में HIFAA का यह तीसरा आयोजन था। इससे पहले मुंबई और गोवा में HIFAA के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। आयोजक डॉ. विश्वजीत मंडल और मुंबई के डॉ. राहुल बाजपेयी ने कहा कि HIFAA देश के सभी राज्यों में ऐसे आयोजन करने की दिशा में काम करेगा और स्वास्थ्य क्षेत्र के गुमनाम नायकों को सम्मानजनक मंच उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।
HIFAA के मुख्य संरक्षक एवं राजभाषा आयोग के सदस्य पिंटू मंडल ने बताया कि संगठन के अगले कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि HIFAA को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देते हुए अधिक से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा।
समारोह के समापन पर आयोजकों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी का योगदान महत्वपूर्ण है और उनके समर्पण को सम्मान देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। HIFAA 2026 के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न लोगों की सेवाओं, उपलब्धियों और योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।





