रविवार दिल्ली नेटवर्क
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज की ओर से भव्य सांस्कृतिक महोत्सव में रामायण मंचन, पंजाबी गीत-नृत्य और उत्तराखंड-त्रिपुरा के लोकनृत्यों ने बांधा समां आराध्या, उज्ज्वल और ईशांत की गायन प्रस्तुतियों ने बटोरीं तालियां
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के ऑडिटोरियम में कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज की ओर से भव्य सांस्कृतिक महोत्सव में एग्रीकल्चर स्टुडेंट्स ने रामायण मंचन, पंजाबी गीत-संगीत, उत्तराखंड और त्रिपुरा के पारंपरिक लोकनृत्यों, छठ पूजा आदि पर आधारित प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति के विविध रंगों का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। स्टुडेंट्स कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय और भावपूर्ण संवादों के से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया। इसके बाद पंजाबी गीतों और लोकनृत्य की जोशीली प्रस्तुति से ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। ढोल की थाप और पारंपरिक वेशभूषा में स्टुडेंट्स ने अपनी प्रतिभा से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इससे पूर्व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और वंदना के संग ऑडी में कल्चरल फेस्ट का शंखनाद हुआ।
सांस्कृतिक महोत्सव में उत्तराखंड और त्रिपुरा के पारंपरिक लोकनृत्यों के जरिए क्षेत्रीय संस्कृति और लोक परंपराओं की अद्वितीय झलक भी देखने को मिली। छठ पूजा पर आधारित प्रस्तुति ने भारतीय आस्था और सांस्कृतिक विरासत को खूबसूरती से मंच पर उतारा। गायन प्रस्तुतियों में आराध्या ने अंग्रेजी गीत, उज्ज्वल ने हिंदी गीत और ईशांत ने अपनी गायन प्रतिभा से खूब तालियां बटोरीं। इस अवसर पर एग्रीकल्चर कॉलेज के डीन प्रो. पीके जैन ने कहा, शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता भी व्यक्तित्व विकास के लिए महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में का संयोजन हॉर्टिकल्चर विभाग की डॉ. कुसुम फरस्वान ने किया। संचालन स्टुडेंट्स- बिस्वजीत, मनीष, नित्या वैष्णवी और अनीश ने किया।





