रविवार दिल्ली नेटवर्क
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद में दस लक्षण महापर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म श्रद्धा, भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मनाया गया। हजारों स्टुडेंट्स की उपस्थिति में छात्र नयन, अक्षत, प्रो. विपिन जैन और संजय जैन को प्रथम अभिषेक करने सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसके पश्चात स्वर्ण झारी से शांतिधारा करने का परम सौभाग्य मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एसके जैन, डॉ. शुभम, डॉ. अनिकेत, डॉ. आगम, डॉ. कमल, डॉ. अमन, डॉ. आकाश, डॉ. अर्पित, डॉ.सद्धार्थ और सम्यक मोदी ने प्राप्त किया। रजत झारी से शांतिधारा करके कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन समेत पूरे परिवार ने पुण्यार्जन किया। अष्ट कुमारी बनने का सुअवसर छात्रा अपेक्षा, प्राची, मान्य, अक्षरा, श्रुति, पूर्णिमा, साँची, लवी पालक, गणिका, भूमि, वंशिका, कोमल, अदिति, प्रियानी और विभासना जैन को प्राप्त हुआ। तत्वार्थ सूत्र का वाचन कुलाधिपति परिवार से श्रीमती ऋचा जैन ने किया। पंडित श्री ऋषभ शास्त्री जी के मुखारविंद से समुच्चय पूजन, श्री अनन्तनाथ पूजा, श्री वासुपूज्य पूजा, सरस्वती पूजा, सोलहकारण पूजा एवम् दस लक्षण पूजा विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुई। धर्म के प्रति रुचि, आध्यात्मिक चेतना एवं संस्कारों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरणादायी मार्गदर्शन हेतु टीएमयू के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन का यूनिवर्सिटी के एक हज़ार से अधिक स्टुडेंट्स एवम् फैकल्टी सदस्यों द्वारा रत्नमयी माला पहनाकर भावपूर्ण स्वागत और सम्मान किया गया।
दस लक्षण महापर्व में 10 दिन निर्जल उपवास करने वाले तीरथ जैन के साथ-साथ उपवास करने वाले स्टुडेंट्स, फैकल्टी एवम् डिजिटल मीडिया टीम का सम्मान किया गया। तत्पश्चात् भगवान वासुपूज्य का निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य छात्र सहज, लक्ष्य, आदीश, अक्षत, प्रसन्न, प्रिंस और सिद्धि को प्राप्त हुआ। सम्मेद शिखर जी का लाडू चढ़ाने का सौभाग्य कुलपति प्रो. वीके जैन परिवार को प्राप्त हुआ। कुलाधिपति परिवार, फैकल्टी और स्टुडेंट्स द्वारा विश्व शांति महायज्ञ की क्रिया संपन्न की गयी। इस पावन अवसर पर विश्व शांति महायज्ञ का भव्य आयोजन श्रद्धा एवम् भक्तिभाव के साथ किया गया। यज्ञ में श्रद्धालुओं ने विधि-विधानपूर्वक आहुतियां अर्पित कर विश्व शांति, मानव कल्याण, सुख-समृद्धि और सर्वमंगल की कामना की।
संध्या काल में लॉ कॉलेज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित के साथ फैकल्टी द्वारा जिनालय से श्रीजी की आरती को दिव्य घोष के साथ रिद्धि-सिद्धि भवन लाया गया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान की आरती की। दशलक्षण महापर्व के उत्तम आकिंचन्य धर्म दिवस पर पंडित श्री ऋषभ शास्त्री ने प्रवचन में परिग्रह त्याग और आत्मशुद्धि का महत्व बताते हुए पारस मणि की प्रेरणादायी कथा के माध्यम से समझाया कि सच्चा सुख धन-संपत्ति के संग्रह में नहीं, बल्कि मोह-ममता और परिग्रह के त्याग में निहित है। टीएमयू लॉ कॉलेज के स्टुडेंट्स ने मोह से मोक्ष की ओर नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से आर्यिका श्री 105 पूर्णमति माताजी की प्रेरणादायी जीवनयात्रा और उनके आध्यात्मिक संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक में वैराग्य, आत्मशुद्धि और मोक्ष की ओर बढ़ने का संदेश दिया गया। लॉ कॉलेज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित की उपस्थिति में फिजियोथेरेपी कॉलेज के फाइनल ईयर स्टुडेंट्स को फेयरवेल दी गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले स्टुडेंट्स को सम्मानित किया गया। सभागार में टीएमयू के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, फर्स्ट लेडी श्रीमती वीना जैन, ग्रुप वाइस चेयरमैन श्री मनीष जैन, श्रीमती ऋचा जैन, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन, श्रीमती जाह्नवी जैन, सुश्री नंदनी जैन सहित यूनिवर्सिटी परिवार से सभी फैकल्टी सदस्य एवम् स्टुडेंट्स उपस्थित रहे।





