महावीरायतन फाउंडेशन की प्रेरणादायी राष्ट्रीय पहल “संवाद से समाधान” का भव्य आयोजन

Grand event for "Samvad se Samadhan" (Resolution through Dialogue)—an inspiring national initiative by the Mahavirayatan Foundation

देहरादून बनेगा संवाद, समरसता और विश्व बंधुत्व का केंद्र

रविवार दिल्ली नेटवर्क

देहरादून : समाज में बढ़ती वैचारिक चुनौतियों, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकात्मता तथा वैश्विक सद्भाव को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से महावीरायतन फाउंडेशन की प्रेरणादायी राष्ट्रीय पहल “संवाद से समाधान” की अगली कड़ी का भव्य आयोजन 04 अगस्त 2026 को लोक भवन, देहरादून (उत्तराखण्ड) में आयोजित किया जाएगा। भगवान महावीर के शाश्वत सिद्धांतों से प्रेरित “संवाद से समाधान” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवाद, सहअस्तित्व और मानवीय मूल्यों पर आधारित एक सशक्त राष्ट्रीय जन-अभियान है। “जियो और जीने दो” तथा “वसुधैव कुटुम्बकम्” के सार्वभौमिक संदेश से प्रेरित यह पहल “सशक्त भारत, समृद्ध भारत” के संकल्प को साकार करने हेतु समाज के विविध वर्गों को एक साझा मंच पर लाकर संवाद, सहयोग और सामूहिक चिंतन के माध्यम से समकालीन चुनौतियों के सकारात्मक एवं स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करती है।

वर्ष 2025 से प्रारम्भ हुई “संवाद से समाधान” कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों में अनेक सफल आयोजन सम्पन्न हो चुके हैं। इस अभियान में भारत के उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, विभिन्न राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री, अनेक केंद्रीय मंत्री, सांसद, संत-महात्मा, शिक्षाविद, न्यायविद, उद्योगपति तथा देश-विदेश के प्रतिष्ठित अतिथियों ने सहभागिता की है। प्रत्येक आयोजन में समाज, राष्ट्र एवं मानवता के लिए उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित कर सेवा, समर्पण और लोककल्याण की भावना को प्रोत्साहित किया जाता है।

महावीरायतन फाउंडेशन एक राष्ट्रीय सामाजिक, आध्यात्मिक एवं जनकल्याणकारी संस्था है, जो संवाद, सेवा और संस्कार के माध्यम से सामाजिक समरसता, मूल्यनिष्ठ शिक्षा, सांस्कृतिक जागरण, पर्यावरण संरक्षण, युवा सशक्तिकरण तथा राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्यरत है। फाउंडेशन के संस्थापक स्वामी श्री देवेन्द्र ब्रह्मचारी जी पिछले दो दशकों से भगवान महावीर के शाश्वत सिद्धांतों के आलोक में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जागरण एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन हेतु समर्पित हैं। उनके प्रेरक नेतृत्व में अनेक जनकल्याणकारी अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन, नैतिक चेतना और जनभागीदारी को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।

इस आयोजन को उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का मुख्य आतिथ्य प्राप्त होगा। श्री भगत सिंह कोश्यारी (पूर्व राज्यपाल, महाराष्ट्र एवं गोवा तथा पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि महन्त श्री लोकेश दास जी महाराज, पीठाधीश्वर, स्वामी जगन्नाथ आश्रम, ऋषिकेश का पावन सान्निध्य प्राप्त होगा। संत-महात्माओं, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत, सामाजिक नेतृत्व, युवा प्रतिनिधियों तथा देश-विदेश के प्रबुद्ध जनों की सहभागिता से समृद्ध यह आयोजन विचार-मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं सम्मान समारोह के माध्यम से संवाद, विश्वास, सद्भाव और सहअस्तित्व की संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। इस अवसर पर लेखक, पत्रकार, स्तंभकार श्री ललित गर्ग द्वारा लिखित पुस्तक ‘निर्गुण चदरिया’ का विमोचन राज्यपाल श्री लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) करेंगे, पुस्तक स्वामी देवेन्द्र ब्रह्मचारी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर है।