- राजस्थान विधान सभा का अमृत महोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जायेगा-वासुदेव देवनानी
- संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष नवाचारों के दो वर्ष पुस्तक का विमोचन और देवनानी की कृति सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि पर चर्चा
गोपेन्द्र नाथ भट्ट
जयपुर : राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा है कि राजस्थान विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा संसदीय संस्कृति में किये जा रहें नवाचारों से लोकतंत्र में आमजन की आस्था और अधिक बढी है ।
मुख्यमंत्री शर्मा मंगलवार को सायं जयपुर के कॉन्स्टिटयूशन क्लब ऑफ राजस्थान में राजस्थान विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा विधानसभा में किये गये नवाचारों पर लिखी गई“संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष-नवाचारों के दो वर्ष”शीर्षक पुस्तक के विमोचन समारोह और उनकी कृति “सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि के नवीन संस्करण पर चर्चा के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारम्भ किया। उन्होंने स्पीकर देवनानी की दोनों पुस्तकों का लोकार्पण किया तथा देवनानी को उनके उत्कृष्ट लेखन के लिए बधाई दी।समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े को भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था लेकिन अचानक उनके अस्वस्थ्य होने और अस्पताल में भर्ती होने से वे समारोह में शामिल नहीं हो सकें। समारोह में राजस्थान के दोनों उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी और डॉ प्रेम चन्द बैरवा, राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्यगण, विधायकगण,पूर्व विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि, कुलगुरुगण, शिक्षाविद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ अरुण चतुर्वेदी , भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा, विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान भी समारोह में मौजूद थे।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यह समारोह लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय संस्कृति की सतत यात्रा का एक बड़ा उत्सव है। उन्होंने स्पीकर देवनानी द्वारा विधानसभा में किये गये नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि विधानसभाध्यक्ष देवनानी के नवाचारों ने राजस्थान विधानसभा को नई ऊर्जा,नई दिशा और एक नई पहचान दी है। देवनानी जी ने विगत दो सालों में दो ल-तीन पुस्तकें लिखकर संसदीय परम्पराओं के प्रति लोगों की रूचि को बढ़ाया है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान की विधानसभा अपने कर्मठ अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के मार्ग दर्शन में अन्य प्रदेशों की विधानसभाओं की तुलना में अधिक दिनों तक संसदीय नियमों एवं परम्पराओं के अनुसार चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की संसदीय परम्पराएँ आरम्भ से ही बहुत समृद्ध, ऐतिहासिक और संसदीय मूल्यों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं तब ही सशक्त बनती है जब वे परम्पराओं और नवाचारों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए जन भागीदारी और पादर्शिता को केंद्र में रखकर कार्य करती है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि प्रतिपक्ष भी हमारी ताकत है , इसलिए प्रदेश के विकास के लक्ष्य को पाने के लिए विपक्ष के रचनात्मक और सकारात्मक सुझावों पर विचार कर उन्हें लागू किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा हम सभी पक्ष और प्रतिपक्ष का एक ही ध्येय होना चाहिए कि राजस्थान का विकास और यहाँ की जनता का भला किस प्रकार से किया जाए?
राजस्थान विधान सभा का अमृत महोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जायेगा-वासुदेव देवनानी
समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधानसभा अपने अमृत काल में प्रवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी से प्रेरणा लेकर भारत की आजादी के अमृत महोत्सव की तर्ज पर राजस्थान विधानसभा के अमृत काल का महोत्सव भी पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जायेगा। शीघ्र ही उसके कार्यक्रमों की रूपरेखा भी सामने लाई जाएगी।अमृत महोत्सव के लिए राज्य सरकार द्वारा बजट में राशि का प्रावधान किये जाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का आभार ज्ञापित किया।
विधानसभा में किए गए कई नवाचार
विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने बताया कि संसद के संविधान भवन की तर्ज पर राजस्थान विधानसभा में एक सेन्ट्रल हॉल का निर्माण कराया जाएगा। राज्य सरकार ने बजट में इसके लिए 14 करोड रूपये की राशि भी पारित कर दी है। साथ ही विधानसभा के वर्तमान सदन की ऊपरी मंजिल पर स्थित विधानपरिषद के हाल का भी नवीनीकरण कर उसे युवा संसद तथा अन्य बड़े कार्यक्रमों में उपयोग लिया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए भी बजट प्रस्ताव को मंजूरी दी है ।साथ ही मुख्यमंत्री शर्मा ने विधानसभा में नवाचारों के लिए बजट में कोई कमी नहीं रखने का आश्वासन भी दिया है।
विधानसभा में किये गये नवाचारों की चर्चा करते हुए देवनानी ने बताया कि विधानसभा के राजनैतिक आख्यान संग्रहालय को जन दर्शन के लिए खोलने से अब तक पचास हजार से अधिक लोगों ने इसे देख लिया है। यह लोकतंत्र के प्रति आमजन की आस्था का परिचायक है। विधानसभा में संविधान गैलेरी, वन्दे मातरम की 150वीं जयन्ती पर वन्दे मातरम दीर्घा और कारगिल शौर्य वाटिका का निर्माण ,विधानसभा का डिजिटलीकरण, पेपरलैस बनाने तथा समितियों की बैठकों में विधायकों के डिजिटल हस्ताक्षर आदि कई नवाचार किये गये है।
प्रश्नों के शत प्रतिशत जवाब दिलाने का प्रयास
देवनानी ने कहा कि उनका प्रयास है कि अब आने वाले समय में विधानसभा में एक भी प्रश्न का जवाब लम्बित नहीं रहें। जनहित के मुद्दों को हल करने के लिए विधायकगण द्वारा लगाये गये प्रश्नों के शत प्रतिशत जवाब समय पर मंगवाये जायेंगे । पिछली विधानसभा में पाँच हज़ार प्रश्नों के जवाब लम्बित थे । उनके जवाब मँगवाने के साथ ही राज्य सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से विधायकगणों के प्रश्नों के जवाब मंगवाने के प्रतिशत को वर्तमान में 97 प्रतिशत तक पहुँचाया गया है तथा अब इसे बढ़ा कर शत प्रतिशत करने का लक्ष्य है ।
देवनानी ने कहा कि विधानसभा में सदन के आसन की जिम्मेदारी और भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए आसन पर बैठने के बाद वे प्रायः अनुशासन और नियमों के प्रति कठोर हो जाते है लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वे संवेदनशील नहीं है । उन्होंने बताया कि यदाकदा सदन से किसी सदस्य को अनुशासनहीनता के मामले में जब सदन से बाहर कर दिया जाता है तो उनकी स्थिति भी उस मां की तरह हो जाती है, जिसका बच्चा घर लौट कर जब तक भोजन नहीं कर लेता है,तब तक वह दुःखी रहती है। मेरा प्रयास बिना किसी पूर्वाग्रह हमेशा संसदीय व्यवस्था एवं मर्यादाओं को मजबूती देने और संसदीय आचरण और संस्कृति को उत्कर्ष बनाने की दिशा में ही रहता है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि विधानसभा में पक्ष प्रतिपक्ष के सभी माननीय विधायक मेरी भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरा सहयोग दे रहें है जिसके परिणाम स्वरूप इस बार भी विधानसभा की बैठके अपेक्षा से अधिक समय तक सुचारू ढंग से संचालित हुई है।श्री देवनानी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की आत्मा केवल चुनावों में ही नहीं बल्कि संसदीय उत्तरदायित्व में भी निहित होती है।
समारोह में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विधानसभा का हाल ही का बजट सत्र शानदार रहा है। सदन में पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों सदस्यों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि स्पीकर का संरक्षण ही प्रतिपक्ष को मजबूती प्रदान करता है। जूली ने स्पीकर देवनानी की विधानसभा में सेन्ट्रल हॉल निर्माण की सोच को सराहनीयकदम बताया। इस हॉल में बैठकर पक्ष और प्रतिपक्ष के वर्तमान और पूर्व सदस्य सौहार्द पूर्ण वातावरण में परस्पर परिचय और चर्चा कर सकेंगे जिससे सभी में आपसी समन्वय की भावना प्रबल हो सकेगी।
इस अवसर पर राजस्थान के संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि स्पीकर देवनानी ने दो वर्षों में विधानसभा में नवाचारों की झड़ी लगा दी है। जिससे विधानसभा के म्यूजियम को देखने आने वालों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि दर्ज हुई है तथा विधानसभा से आमजन का जुडाव बढ रहा है। कार्यक्रम के अंत में सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आभार जापित किया।
प्रारंभ में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पौधा युक्त गमला और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया । विधानसभा के सचिव भारत भूषण शर्मा ने मंचासीन अन्य अतिथियों को पौधा युक्त गमला और स्मृति चिह्न भेंट किए । समारोह के उपरान्त सभी ने स्नेह भोज में भाग लिया ।





