असम चुनाव : लखीपुर में कांग्रेस में प्रत्याशी को लेकर तीव्र असंतोष, शीर्ष नेतृत्व के फैसले की प्रतीक्षा

Assam Elections: Discontent in Congress over Lakhipur candidate intensifies, awaiting top leadership's decision

रविवार दिल्ली नेटवर्क

सिलचर (असम) : आगामी असम विधानसभा चुनाव से पहले लखीपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के भीतर प्रत्याशी चयन को लेकर तीव्र असंतोष और विद्रोह की स्थिति बन गई है। स्थानीय कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। नेताओं ने साफ संकेत दिया है कि यदि उम्मीदवार नहीं बदला गया तो लखीपुर कांग्रेस में बड़ा विद्रोह हो सकता है।

कांग्रेस ने हाल ही में असम विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी की है। इस सूची में लखीपुर विधानसभा सीट से डॉ. एम. शांति कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। सूची जारी होने के अगले ही दिन बिन्नाकांदी, लखीपुर और राजाबाजार ब्लॉक मंडल कांग्रेस के पदाधिकारी विरोध के लिए सक्रिय हो गए।

स्थानीय नेताओं की शुरुआत से ही मांग रही है कि लखीपुर सीट पर बाहरी व्यक्ति के बजाय स्थानीय नेता को टिकट दिया जाए। इस सीट के लिए टिकट के दावेदारों में डॉ. एम. शांति कुमार सिंह के अलावा सुबीर सरकार, जय सिंह, नविना मजूमदार और पंडित हेमंत सिंह भी शामिल थे। लेकिन अंततः पार्टी ने डॉ. शांति कुमार सिंह को उम्मीदवार घोषित कर दिया।

उम्मीदवार सूची जारी होने के बाद तीनों मंडल समितियों के पदाधिकारियों ने बैठक कर डॉ. शांति कुमार सिंह की उम्मीदवारी को स्वीकार न करने का निर्णय लिया। बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि यदि पार्टी का केंद्रीय और राज्य नेतृत्व उम्मीदवार नहीं बदलता है तो व्यापक स्तर पर विद्रोह किया जाएगा और सामूहिक इस्तीफे भी दिए जा सकते हैं।

इसके बाद लखीपुर कांग्रेस के नेताओं ने सिलचर जिला कांग्रेस कार्यालय में पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर लिखित रूप में अपनी आपत्ति दर्ज कराई और उम्मीदवार बदलने की मांग की। लखीपुर मंडल कांग्रेस अध्यक्ष महिबुर रहमान खान, राजाबाजार मंडल कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप पाल तथा बिन्नाकांदी मंडल कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश त्रिवेदी सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के हस्ताक्षरित पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि उम्मीदवार नहीं बदला गया तो लखीपुर कांग्रेस में विद्रोह की स्थिति पैदा होगी। इस संबंध में राज्य नेतृत्व को भी अवगत करा दिया गया है।

हालांकि पार्टी नेतृत्व के संकेत मिलने के बाद फिलहाल स्थानीय नेता खुले विद्रोह से पीछे हट गए और अपने निर्णय को गोपनीय रखा। लेकिन हाल ही में यह गोपनीय प्रस्ताव लीक होकर वायरल हो जाने से पार्टी के अंदर भारी हलचल मच गई है। अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि यह गोपनीय निर्णय बाहर कैसे आया।

फिलहाल लखीपुर के तीनों मंडल कांग्रेस नेता पार्टी की दूसरी उम्मीदवार सूची का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि दूसरी सूची में भी लखीपुर सीट से उम्मीदवार नहीं बदला गया तो बड़े पैमाने पर विद्रोह हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, बी-फॉर्म जारी होने तक उम्मीदवार बदलने की संभावना बनी रहती है, और इसी उम्मीद में लखीपुर के कांग्रेस नेता अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।