हिंदू संघर्ष समिति ने बंगाल के नतीजों को भय और आतंक से मुक्ति बताया
रविवार दिल्ली नेटवर्क
देहरादूनः हिंदू संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महामंत्री अनूप पांडेय ने तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। कहा कि चुनावी पराजय से हताश अहंकारी ममता इस्तीफा नहीं देने की बात कर लोकतंत्र और संविधान का मजाक उड़ा रही हैं। उन्होंने बंगाल में ममता सरकार के पतन को भय और आतंक राज से मुक्ति का प्रतीक बताया। साथ ही कहा कि बंगाल में राष्ट्रवादी शक्तियों की जीत के पीछे सैकड़ों हिंदू कार्यकर्ताओं का बलिदान निहित है।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार दुबे की आहूत कार्यकर्ता बैठक में महामंत्री अनूप पांडे ने कहा कि हकीकत यह है कि ममता बनर्जी संविधान और लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने आदी हो गई हैं। अपने पंद्रह साल के शासनकाल में उन्होंने यही सब किया है। इस बार बंगाल की जनता ने अन्याय के खिलाफ निर्णायक जवाब दिया है। यह जनादेश सिर्फ सत्ता परिवर्तन का संकेत नहीं, बल्कि तुष्टिकरण की राजनीति के खिलाफ एक सशक्त संदेश और विकास की ओर बढ़ते बंगाल की नई शुरुआत है।
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ वर्षों में हिंदू समाज के साथ घनघोर भेदभाव हुआ। तुष्टिकरण की राजनीति ने सामाजिक संतुलन को बिगाड़ा और अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दिया। कई क्षेत्रों में हिंदुओं को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया गया। चुनाव के दौरान उन्हें वोट देने से रोकने, डराने और धमकाने जैसी घटनाएं सामने आईं। बहरहाल, बंगाल में अब अंधेरा छट चुका है और वह विकास की दौड़ में शामिल हो गया है। अब बंगाल में नई सरकार बनने के बाद घुसपैठिए अपने आप बाहर भागने लगेंगे। टीएमसी के गुंडों की कट मनी और भ्रष्टाचार का भी हिसाब-किताब बहुत जल्द होगा। बैठक में संजय गुप्ता, अक्षय कुमार, संजीव पांडे, रमेश त्रिवेदी आदि थे।





