उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति, लोक मेले और हमारी आध्यात्मिक परंपराएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं : धामी

Uttarakhand's folk culture, folk fairs, and spiritual traditions are our invaluable heritage: Dhami

रविवार दिल्ली नेटवर्क

देहरादून : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के अवसर पर श्री जागेश्वर धाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर श्री ज्योतिर्लिंग जागेश्वर धाम श्रावणी मेले का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पौधरोपण भी किया।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति, लोक मेले और हमारी आध्यात्मिक परंपराएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं। श्रावणी मेला केवल आस्था का उत्सव नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला, लोकसंगीत एवं पारंपरिक जीवन मूल्यों को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम भी है। हमारी सरकार इन धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत श्री जागेश्वर धाम का समग्र एवं सुव्यवस्थित विकास किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ-साथ इस प्राचीन तीर्थ की दिव्यता, भव्यता और आध्यात्मिक गरिमा भी निरंतर सुदृढ़ हो रही है। साथ ही, यहां स्थापित किए जा रहे संस्कृत विद्यालय के माध्यम से देववाणी संस्कृत, भारतीय ज्ञान परंपरा और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का हमारा संकल्प भी साकार होगा।

इस अवसर पर माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक श्री मोहन सिंह माहरा, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री महेश नयाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।