रविवार दिल्ली नेटवर्क
देहरादून : राज्य सरकार की ओर से धर्मनगरी हरिद्वार में आयोजित कांवड़ यात्रियों के अभिनदंन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उनका स्वागत किया और अपने हाथों से भोजन परोसा। इस दौरान हरकी पैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने पांच शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया।
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सहायता एवं सुविधाओं के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का अवलोकन किया और श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार, आवश्यक दवाइयां तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण मिले। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का विराट पर्व है। इसके सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित विभागों के समन्वय से निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के बीच आने और उनकी सेवा करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का नाम करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, ऊर्जा और विश्वास का आधार है। कठिन परिस्थितियों में भी शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हैं और “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। कांवड़ यात्रा अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर सफलतापूर्वक अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी योजनाएं राज्य के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा प्रदान करेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सहायता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की।
उन्होंने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य सेवा कार्यों में जुटे कर्मयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी का सामूहिक सहयोग ही इस विशाल आयोजन को सफल बनाता है।
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पांच-पांच पुलिसकर्मियों और पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उन सभी कर्मयोगियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में दिन-रात जुटे हुए हैं।





