उत्तराखण्ड के कारीगर केवल वस्त्र या उत्पाद नहीं बनाते, बल्कि उनमें प्रदेश की संस्कृति, लोकजीवन और परंपराओं की आत्मा भी समाहित होती है : सीएम धामी

Uttarakhand's artisans do not merely create garments or products; the very soul of the state's culture, folk life, and traditions is infused within them: CM Dhami

रविवार दिल्ली नेटवर्क

देहरादून : उत्तराखण्ड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद द्वारा 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बिच्छू घास (नेटल फाइबर) से निर्मित पारंपरिक वस्त्र खरीदकर स्थानीय उत्पादों और शिल्पकारों को प्रोत्साहन दिया तथा उत्कृष्ट बुनकरों एवं हस्तशिल्प कारीगरों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिवस उन समर्पित बुनकरों और शिल्पकारों के सम्मान का प्रतीक है, जो अपनी कला, परिश्रम और कौशल से देश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के कारीगर केवल वस्त्र या उत्पाद नहीं बनाते, बल्कि उनमें प्रदेश की संस्कृति, लोकजीवन और परंपराओं की आत्मा भी समाहित होती है।