सत्येन्द्र पाल सिंह
एम्सतलवीन (नीदरलैंड) : भारत के चीफ डच कोच शुएर्ड मराइन मौजूद 16 वें एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप में अपनी प्रदर्शन पर वाकिफ गर्व कर सकते हैं। बेशक भारतीय महिला हॉकी टीम के ऐसे जुझारू प्रदर्शन के बाद भारत के चीफ कोच मराइन दुनिया की एक और शीर्ष टीमों में एक जर्मनी के खिलाफ यहां वेगनेर स्टेडियम मैच में बृहस्पतिवार को जीत के साथ पांचवें स्थान पर समापन की उम्मीद कर सकते हैं। भारतीय टीम ने यहां बुधवार को वेगनेर स्टेडियम में एक घंटा पसीना बहाया और खास तौर पर लंबे स्लैप शॉट से गोल करने के साथ पेनल्टी कॉर्नर और जमीनी शॉट से गोल करने के अभ्यास के साथ पेनल्टी कॉर्नर को रोकने के लिए अनुभवी गोलरक्षक सविता ने भी जमकर पसीना बहाया। भारतीय महिला हॉकी टीम की सबसे मजबूत कड़ी उसकी अनुभवी सविता के साथ नौजवान गोलरक्षक बिच्छू देवी खरीबम के साथ 18 वर्षीया शिल्पी डबास के साथ सबसे अनुभवी फु़लबैक सुशीला चानख पुखरंबम है। बिच्छू देवी बुधवार को बुखार के कारण अभ्यास के लिए नहीं उतरी लेकिन बृहस्पतिवार को उनके जर्मनी के खिलाफ अहम मैच में गोलरक्षक सविता के मिल कर बिच्छू के भारत के किले की मजबूत चौकसी के लिए उतरने की उम्मीद है।
शुएर्ड मराइन ने जर्मनी के खिलाफ भारत के आखिरी मैच से पहले से कहा,‘हमारी टीम ने मौजूदा महिला हॉकी विश्व कप में बहुत प्रगति की है और दुनिया की दिग्गज टीमों के खिलाफ अपने जीवट से हर किसी को प्रभावित किया है। हमने दक्षिण अफ्रीका को बड़े अंतर से हराया और विश्व व ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड के हाथों हार के बावजूद बढ़िया खेली। इससे हमारी भारतीय लड़कियों को अहसास हुआ कि उन्होंने आगे एक बड़ा कदम उठाया है। बेशक हमारी लड़कियों को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच गोलरहित ड्रॉ खेल कर सेमीफाइनल में न पहुंच पाने की निराशा भी है, पर एक लिहाज से यह अच्छा है। इसका मतलब यह हुआ कि भारतीय लड़कियों ऐसा महसूस करती है कि वे और बढ़िया प्रदर्शन कर सकती हैं। 1974 के बाद हमारी भारतीय महिला हॉकी टीम इस विश्व कप में अपनी सर्वश्रेठ् एफआईएच एफआईएच रैंकिंग हासिल कर चुकी है लेकिन हम और बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं। साथ ही हमारी सीनियर खिलाड़ियों ने टीम की नौजवान खिलाड़ियों के साथ पूरे ताल मेल से खेल कर भारतीय टीम को बढ़िया प्रदर्शन करने में मदद की लेकिन हम और बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं। जर्मनी के खिलाफ मैच भारत के लिए यह दर्शाने का मौका कि टीम ऑस्ट्रेलिया के मैच से भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।्
एशियाई खेलों में और बेहतर प्रदर्शन का भरोसा जगा : सुनीलिता
भारत की प्रतिभासम्पन्न मिडफील्डर सुनीलिता टोपो ने अपने ऑलराउंड खेल से अपनी एक अलग छाप छोड़ी है। सुनीलिता टोपो ने जर्मनी के खिलाफ मैच से पहले खास बातचीत में कहा,‘बेशक हमारी टीम ऑस्ट्रेलिया से अपना मैच गोलरहित ड्रॉ खेल बहुत करीब से सेमीफाइनल में स्थान बनाने से चूके लेकिन इसमें जीवट भरे खेल से हममें आगे एशियाई खेलों में और बेहतर प्रदर्शन का भरोसा जगा है। महिला हॉकी विश्व कप में दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ हमारी भारतीय टीम वाकई एक इकाई के रूप में बेहतरीन प्रदर्शन करने में कामयाब रही। मुझ सहित भारत की 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप था लेकिन सभी एक दूसरे के साथ तालमेल से भारत के सर्वश्रेष्ठ खेल खेलने के मकसद से खेली। हमारी टीम की अनुभवी खिलाड़ियों ने महिला हॉकी विश्व कप जैसे मंच पर हम सभी नौजवान खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया है। हमारी टीम की हर खिलाड़ी पूरे जीवट से खेली





