हेड कोच अमोल बोले, हम टी 20 एशिया कप जीत चुके हैं, ध्यान अब एशियाई खेलों पर
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : शैफाली वर्मा (68 रन, 39 गेंद, दो छक्के और 9 चौके) और स्मृति मंधाना ( 59 रन, 39 गेंद, तीन छक्के और 5 चौके) के शानदार अर्द्बशतकों की बदौलत भारत ने श्रीलंका को फाइनल में रविवार रात दुबई में 72 रन से हरा कर टी 20 महिला एशिया कप क्रिकेट खिताब जीत लिया। भारत ने एशिया कप में टी 20 फॉर्मेट का चौथा और कुल आठवां खिताब जीता। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ महिला एशिया कप सात फाइनल में छठा जीत 6-1 से अपनी श्रेष्ठता बरकरार रखी। भारत की महिला टीम ने लगातार पांच मैच जीत कर यह खिताब अपने नाम किया। भारत के पास खिताब जीतने के बावजूद उसके पास दिखाने को ट्रॉफी नहीं है क्योंकि भारतीय महिला टीम के टी 20 एशिया कप खिताब जीतने के बाद एक बार फिर बीते उसकी पुरुष टीम के एशिया कप जीतने का सा नजारा रविवार को देखने को मिला। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टी 20 एशिया कप जीतने वाली भारतीय टीम को रविवार रात दुबई में न तो मेडल दिए गए और न ही ट्रॉफी। दुबई में श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में भारत की जीत के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में लगभग 50 मिनट की देरी हुई। इसके बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) और पीसीबी के अध्यक्ष पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी की मौजूदगी में उपविजेता श्रीलंका टीम को पदक दिए जाने के बाद यह समारोह आधा अधूरा खत्म कर दिया गया।
फाइनल की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी शैफाली और स्मृति मंधाना की सलामी जोड़ी की और पहले विकेट की 12.5 ओवर में 129 रन की रिकॉर्ड भागीदारी की बदौलत टॉस जीत कर भारत ने पहले बल्लेबाजी कर निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 183 रन का विशाल स्कोर बनाया। सदाबहार अनुभवी ऑफ स्पिन ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा (3/19) और बाएं हाथ की स्पिनर श्रीचारिणी (4/20) और लेग स्पिनर प्रेमा रावत(1/22) और शैफाली वर्मा (1/23) की स्पिन चौकड़ी के आपस में बांटे नौ विकेट बांट कप्तान चामरी अट्टपट्टू की 36 रन की पारी की बदौलत श्रीलंका को 111 रन पर समेट की भारत को फाइनल व खिताब जिताया। शैफाली वर्मा तीन अर्द्धशतकों सहित इस टूर्नामेंट में फाइनल सहित भारत के लिए पांच मैचों मे2 सबसे ज्यादा कुल 236 रन व दो विकेट चटका कर टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रही जबकि उनकी सलामी जोड़ीदार स्मृति मंधाना ने एक शतक और एक अर्द्बशतक सहित 213 रन बनाकर रन बनाने में दूसरे स्थान पर रही।
सूर्य कुमार अगुआई की में भारत ने बीते बरस पुरुष एशिया कप क्रिकेट खिताब जीतने के बाद मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया और तब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष देवजीत साइकिया ने कहा कि टीम इंडिया किसी ऐसे शख्स से ट्रॉफी नहीं लेगी जो कि पाकिस्तान के मुख्य नेताओं में एक है। नकवी की एशिया कप के पुरस्कार वितरण समारोह में मौजूदगी तनाव का मुद्दा बनने की पहले से ही आशंका थी। भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में सरहद पर तनाव के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान खिलाड़ियों और उसके नुमाइंदों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया।बीते बरस भारत की पुरुष टीम ने ऐसा जबकि इस साल भारतीय महिला टीम ने इसे दोहराया। इस बाबत भारत के हेड कोच अमोल मुजूमदार ने कहा,‘बीसीसीआई ने यह रुख अपनाया और हम उसके साथ हैं। हमारे लिए महिला टी 20 एशिया पर खत्म हो चुका और हम 2026 में यह खिताब जीत चुके हैं। अब हमारा ध्यान एशियाई खेलों पर है। स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा के रूप में हमारे बाएं और दाएं हाथ की सलामी जोड़ी ने शानदार बल्लेबाजी की। शैफाली का खेलने की अपनी एक अलग ही शैली है।
शैफाली की दमदार बल्लेबाजी और करिश्मा ही प्रतिद्वंद्वी टीम को बौकफुट पर धकेल देता है। स्मृति की बल्लेबाजी का अपना एक अलग खास अंदाज तो है उनमें अपना एक अलग हुनर भी है। स्मृति और शैफाली की एक दूसरे के साथ खास जुगलबंदी है। में खुश हूं फाइनल में दोनों ने शानदार बल्लेबाजी की। हमने पूरे हफ्ते दुबई की पिचों पर खेल कर यह पाया कि ये धीमी थी और इस पर स्पिनरों की गेंद खासी घूम रही थी। हमने फाइनल में टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर बनाने के बनाया और बाकी काम हमारी चतुर स्पिन चौकड़ी ने कर दिया। जहां तक क्षेत्ररक्षण की बात है तो फाइनल में हमने पांच कैच टपकाए बेशक अभी खासतौर पर हमारे क्षेत्ररक्षण में सुधार की गुंजाइश है। बावजूद इसके टी 20 एशिया कप में हमारी भारतीय टीम के लिए बहुत बढ़िया रहा। हमारी विकेट के बीच दौड़ में कई बार ढीली रही। मुझे लगता है कि अपने शिविरों में हम खेल के कई पहलुओं पर ध्यान देते और मेहनत करते हैं। बतौर टीम हम बहुत मेहनत करते हैं। हालांकि एशिया कप से पहले हमारा अपने क्षेत्ररक्षण पर बहुत ध्यान था और फिटनेस और विकेट के बीच दौड़ पर हमने शिविर में बहुत ध्यान दिया।
शैफाली व स्मृति ने गजब की बल्लेबाजी की : हरमनप्रीत कौर
भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा,‘मेरा मानना है कि हम अपने स्तर के मुताबिक खेले और जब हम टी 20 एशिया कप खेलने दुबई आए थे तो हमने यही चर्चा की थी। हम कुछ मानदंड तय किए थे और हमें हर रोज उसके साथ कदमताल करनी है। हम जिस तरह से टी 20 एशिया कप में खेले उससे बतौर टीम हम सब बहुत खुश हैं और हमारी टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान गजब का खेली और फाइनल में हमने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 184रन का बड़ा लक्ष्य रखा। हम सभी जानते हैं कि दुबई की धीमी पिचों पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था लेकिन शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की हमारी सलामी जोड़ी ने गजब की बल्लेबाजी की। सबसे अहम है अच्छी क्रिकेट खेलना है। मैं अपनी टीम के प्रदर्शन बहुत खुश हें।





