IAP जॉइंट सेक्रेटरी पर FIR से मचा हड़कंप, प्रेस क्लब में पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप

FIR against IAP Joint Secretary sparks a stir; victim levels serious allegations at the Press Club

रविवार दिल्ली नेटवर्क

नई दिल्ली/मुंबई: इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट्स (IAP) के जॉइंट सेक्रेटरी (ईस्ट ज़ोन) डॉ. जोजी जॉन के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान शिकायतकर्ता महिला फिजियोथेरेपिस्ट और उनके वकीलों ने मामले से जुड़े आरोपों, जांच प्रक्रिया और FIR में कथित रूप से शामिल नहीं किए गए बिंदुओं को मीडिया के सामने रखा।

FIR संख्या 0241 के अनुसार, शिकायतकर्ता ने डॉ. जोजी जॉन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 69, 75 और 79 के तहत शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2025 में फेसबुक मैसेंजर के जरिए शुरू हुआ संपर्क पेशेवर मार्गदर्शन और करियर संबंधी सहायता से आगे बढ़कर व्यक्तिगत और भावनात्मक संबंध में बदल गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें करियर मार्गदर्शन, प्रोफेशनल नेटवर्किंग और फिजियोथेरेपी क्षेत्र में अवसरों से जुड़े आश्वासन दिए गए, जिससे उनका विश्वास बढ़ा। FIR में आरोप है कि मार्च 2026 में अहमदाबाद से दिल्ली की यात्रा के बाद दोनों की मुलाकात हुई और इसी दौरान उनके बीच व्यक्तिगत एवं यौन संबंध स्थापित हुए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उनकी शिकायत के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु FIR में दर्ज नहीं किए गए, जबकि उन्होंने इसकी जानकारी जांच अधिकारी को दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक मुलाकात के दौरान उन्हें उनकी जानकारी के बिना कुछ पिलाया गया था और इस संबंध में भी पुलिस को बताया गया।

शिकायतकर्ता ने कहा कि पूरे घटनाक्रम का उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा और वह लंबे समय तक अवसाद से जूझती रहीं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ता के वकील हितेन मेहता, एडवोकेट कृति भावसर और भावसर एंड मेहता एंड कंपनी की एडवोकेट एशना कुमार ने FIR तथा शिकायत में दर्ज आरोपों के बारे में मीडिया को जानकारी दी। वकीलों का कहना है कि शिकायतकर्ता जांच में सहयोग कर रही हैं, लेकिन उन्हें अब तक चार्जशीट की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है।

वकीलों ने मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच तथा जांच से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में FIR और शिकायत से जुड़े दस्तावेजों की प्रतियां भी मीडिया के सामने रखी गईं। मामले की जांच जारी है। लगाए गए आरोपों पर आरोपी का पक्ष इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने नहीं आया है।