रविवार दिल्ली नेटवर्क
आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल), विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत महारत्न सीपीएसयू, आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, ने 26 सितंबर 2026 को रानीपुर चुनार पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड, जो प्रोजेक्ट के लिए खास स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) है, को सफल बोली लगाने वाले मेसर्स एच जी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड को सौंप दिया।
मेसर्स एच जी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड उत्तर प्रदेश में बिल्ड, ओन, ऑपरेट और ट्रांसफर (बीओओटी) आधार पर अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन परियोजना “220/132/33 केवी एआईएस सबस्टेशन, रानीपुर (मऊ) और 220/132/33 केवी एआईएस सबस्टेशन, चुनार (मिर्जापुर) का निर्माण” के विकास के लिए बोली प्रक्रिया समन्वयक आरईसीपीडीसीएल द्वारा आयोजित टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के माध्यम से सफल बोलीदाता के रूप में उभरी है।
आरईसीपीडीसीएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष श्री राजेश राज द्वारा एसपीवी को एच जी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) श्री उज्ज्वल वर्मा को, आरईसीपीडीसीएल, एच जी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड और उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सौंपा गया।
इस पारेषण परियोजना में मुख्य रूप से रानीपुर (मऊ) में 220/132/33 केवी एआईएस सबस्टेशन, चुनार (मिर्जापुर) में 220/132/33 केवी एआईएस सबस्टेशन, रसरा से रानीपुर तक 220 केवी डी/सी लाइन और अन्य संबंधित कार्य शामिल हैं। परियोजना के कार्यान्वयन की समय-सीमा 18 महीने है।





