विद्या भारती द्वारा आयोजित 37वें अखिल भारतीय खेलकूद समारोह-2026 का समापन समारोह

Closing ceremony of 37th All India Sports Festival-2026 organized by Vidya Bharti

रविवार दिल्ली नेटवर्क

देहरादून : शिक्षा के सीथ शारिरीक विकास के महत्व पर बल देते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शास्त्रों में कहा गया है कि ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’, अर्थात स्वस्थ शरीर ही जीवन के कर्तव्यों और लक्ष्यों की पूर्ति का आधार है। आज गाजियाबाद में विद्या भारती द्वारा आयोजित 37वें अखिल भारतीय खेलकूद समारोह-2026 के समापन समारोह के अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया तथा सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों की सहभागिता इस आयोजन को विशेष बनाती है। हिमालय के सीमांत क्षेत्रों से लेकर कन्याकुमारी और पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर पूर्वोत्तर तक के खिलाड़ियों का एक मंच पर एकत्र होना लघु भारत का दर्शन कराता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्या भारती शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। वर्ष 1952 में गोरखपुर में प्रथम सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना से प्रारंभ हुई यह यात्रा आज देश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। विद्या भारती द्वारा सीमांत, ग्रामीण, जनजातीय एवं वंचित क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उत्तराखण्ड में भी संस्था के विद्यालय शिक्षा और संस्कारों के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।