सुरेन्द्र अग्निहोत्री
डा. अर्चना प्रकाश, द्वारा रचित ‘मुट्ठी में दुनियाँ’ एक प्रेरणादायक बाल कविता संग्रह है, जिसमें लगभग 20 कविताएं संकलित हैं। यह कृति बाल-मन की कोमल भावनाओं, कल्पनाशीलता और नैतिक चेतना को सहज और सजीव अभिव्यक्ति प्रदान करती है। कविताओं के माध्यम से लेखक ने प्रकृति, पर्यावरण, नैतिक मूल्य, राष्ट्रप्रेम, पारिवारिक स्नेह और परिश्रम जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल और बालोपयोगी ढंग से प्रस्तुत किया है।जल,तितली,मौसम,वर्षा ऋतु,पेड़,गौरैया,नदियाँ जैसी कविताएं बच्चों को प्रकृति से जोड़ती हैं और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के महत्व से परिचित कराती हैं। वहीं नववर्ष,मुट्ठी में दुनियाँ,स्वच्छता,बातें,दादी के लड्डू जैसी रचनाएं जीवन में सदाचार, त्याग और परिश्रम के मूल्य को सरल भाषा में समझाती हैं। ‘दिल्ली,हमारा देश,तिरंगा कविता बच्चों में राष्ट्रप्रेम और कर्तव्य-बोध की भावना जगाती है, जबकि ‘होली,ईश्वर,तारे जैसी कविताएं बाल-कल्पना की उड़ान और ईश्वरी सौंदर्य-बोध के प्रति विश्वास का बोध करती हैं।
पुस्तक: मुट्ठी में दुनियाँ-(बाल कविताऐं )
लेखक: डा. अर्चना प्रकाश
प्रकाशन: शतरंग प्रकाशन
मूल्य:100





