नीति गोपेन्द्र भट्ट
नई दिल्ली : केन्द्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि पधारो म्हारे देश स्लोगन और गीत राजस्थान की आत्मा है। यह उद्धरण राजस्थान के पर्यटन, संस्कृति और लोकजीवन की भावना को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करता है।
शेखावत बुधवार को सायं नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में अर्पण फाउंडेशन, जयपुर द्वारा आयोजित राजस्थानी लोक संगीत और नृत्य की एक शाम ‘पधारो म्हारे देस’को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस धेय वाक्य की रचना करने वाले पूर्व केंद्रीय पर्यटन सचिव और सेवानिवृत्त आईएएस डॉ ललित के पंवार की प्रशंसा की और कहा कि उनकी यह कालजयी रचना राजस्थान ही नहीं भारत की अतिथि देवों भवः की भावना को प्रदर्शित करने वाली है।
शेखावत ने कहा कि “पधारो म्हारे देश” को केवल एक पर्यटन नारा नहीं, बल्कि राजस्थान की आत्मा और उसकी अतिथि-देवो भवः परंपरा का प्रतीक बताया है। राजस्थान की पहचान उसकी मेहमाननवाज़ी, लोक संस्कृति, रंग-बिरंगे उत्सव, ऐतिहासिक धरोहरों और जनजीवन की आत्मीयता से बनती है। उन्होंने कहा कि “पधारो म्हारे देश केवल एक स्वागत वाक्य नहीं, बल्कि राजस्थान की आत्मा है। यह उस संस्कृति का परिचायक है जिसमें अतिथि को देवतुल्य माना जाता है। मरुभूमि की कठोर परिस्थितियों के बीच भी राजस्थान ने सदियों से प्रेम, अपनत्व और सम्मान की परंपरा को जीवित रखा है। यही कारण है कि यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को इस धरती का हिस्सा महसूस करता है। राजस्थान के किले, महल, लोककलाएं, लोकदेवताओं की परंपरा, खान-पान और लोकसंगीत ‘पधारो म्हारे देश’ की भावना को जीवंत करते हैं। यह वाक्य राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और उसकी उदार आत्मा का सच्चा परिचय है।”
शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हाल ही नीदरलैंड की यात्रा में प्रवासियों द्वारा पधारो म्हारे देश गीत से उनका स्वागत किया गया था । उन्होंने कहा कि प्रधानमन्त्री मोदी ने विकास के साथ विरासत का नारा दिया है और आज के ए आई डिजिटल युग में भारत की विरासत को बचाने के लिए हम सभी को मिल कर प्रयास करने होंगे ।
प्रारम्भ में अर्पण फाउंडेशन, जयपुर के सलाहकार डॉ. ललित के. पंवार और संस्थापक ट्रस्टी मनीषा ए. अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया । इस अवसर पर अर्पण म्यूज़िक संस्थान द्वारा प्रशिक्षित प्रतिभाशाली राजस्थान के लोक कलाकारों ने शानदार नृत्य और गीत की प्रस्तुति की।
समारोह में पण्डित विश्वमोहन भट्ट साजन राजन रेहमत ख़ान आदि जानी मानी हस्तिया भी मौजूद थी ।





