प्रकृति के साथ जुड़ने से लाभ होते हैं मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में

Connecting with nature has benefits for mental health issues

डॉ विजय गर्ग

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में प्रकृति के साथ जुड़ने से लाभ होते हैं। एक अध्ययन में यह बात पुख्ता हुई है कि घर के आंगन में व बाहर प्रकृति से जुड़ी गतिविधियां हमारे भीतर के तनाव को कम करती हैं, मूड अच्छा करती हैं और सकारात्मक भावनाओं को बढ़ावा देती हैं।

हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि प्रकृति से जुड़ी गतिविधियां हमारे मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती हैं, जो लोग मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनको भी प्रकृति के साथ जुड़ने से लाभ होते हैं। यह अध्ययन यूनिवर्सिटी ऑफ योर्क द्वारा किया गया, जिसमें बताया गया है कि घर से बाहर प्रकृति से जुड़ी गतिविधियां हमारे भीतर के तनाव को कम करती हैं, मूड अच्छा करती हैं और हममें सकारात्मक भावनाओं को बढ़ावा देती हैं। इसमें यह भी पाया गया है कि 20 से 90 मिनट की गतिविधियां जिन्हें हम 8 से 12 सप्ताह के भीतर करते हैं, इनके बेहतर नतीजे सामने आते हैं।

अध्ययन ने पुख्ता किये फायदे

नींद को लेकर इस अध्ययन के मुख्य लेखक डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ साइंसेज के डॉ. पीटर कन्वेंटरी का कहना है कि हम पहले से ही इस तथ्य से परिचित हैं कि प्रकृति से जुड़ना हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन हमारे इस अध्ययन ने इस बात को और भी पुख्ता कर दिया है कि प्रकृति से जुड़ी गतिविधियों में संग्लन होने से हमारा मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। प्रकृति से जुड़ी इन गतिविधियों को स्वयं किया जाए या दूसरों के साथ मिलकर किया जाए, सभी का फायदा होता है। इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि आउटडोर गतिविधियां शारीरिक स्वास्थ्य को कम, मानसिक स्वास्थ्य को ज्यादा सुधारती हैं। इस अध्ययन ने लोगों को एक-दूसरे के साथ मिलकर प्रकृति से जुड़ने की ओर प्रोत्साहित किया है। प्रकृति से जुड़ी ये गतिविधियां हमारे लिए सार्थक होती हैं और प्रकृति के बीच में रहकर हम एक दूसरे के प्रति पॉजीटिव होते हैं।

तनाव, थकान के बीच सुकून का अहसास

मॉडर्न जीवनशैली में लोग अपना अधिकांश समय घर या दफ्तर के भीतर फोन, टेलीविजन या कंप्यूटर की स्क्रीन पर ही बिताते हैं। दिनभर ऑफिस में रहने के दौरान मानसिक रूप से थके होने के कारण हम तनाव का शिकार होते हैं और ऐसे में प्राकृतिक वातावरण में अगर हमारा तन और मन विश्राम पाते हैं तो हमारी एकाग्रता बढ़ती है और हमें खुशी की अनुभूति होती है। दिल को सुकून मिलता है, रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिदंगी से कुछ देर प्रकृति के सान्निध्य में हमें मानसिक शांति भी मिलती है और हमारी रचनात्मक क्षमता भी बढ़ती है। कभी-कभी जब हम मानसिक रूप से थक जाते हैं और ताजी हवा के लिए घर से बाहर प्रकृति के नजदीक रहते हैं तो हम अपने को बेहतर पाते हैं।

ये गतिविधियां हैं लाभकारी

प्रकृति के बीच अपना समय बिताने के लिए वॉक करना, साइकिलिंग या लंबी दूरी तक पैदल चलना अच्छा लगता है। इससे हम वजन तो नियंत्रित रख ही सकते हैं। मासंपेशियों में तनाव कम होता है। हृदय प्रणाली पर दबाव कम होने से हार्ट बीट और ब्लड प्रेशर भी कम हो जाता है। जो लोग प्रकृति के ज्यादा करीब रहते हैं, उनमें हृदय रोग की दर भी कम होती है। खुले वातावरण में रहने से विटामिन डी का शरीर में स्तर बढ़ता है, जो हड्डियों, रक्त कोशिकाओं और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण है। प्रकृति हमारी चिंता को कम करती है। तनाव व क्रोध घटाती है। हरियाली वाले स्थान में रहने से हमें अवसाद कम होता है। दूसरों के साथ ऐसे स्थान पर रहने से हमारा सामाजिक दायरा बढ़ता है और अंजान लोगों से हमारी मुलाकातें होती हैं।

हरियाली का सकारात्मक असर

प्राकृतिक रोशनी में रहने से नींद भी अच्छी आती है। प्रकृति बड़ों के लिए ही नहीं, बच्चों के लिए भी फायदेमंद होती है। डेनमार्क में 1985 से 2003 के बीच जन्में 9,00,000 लोगों की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि हरियाली वाली जगहों में रहने वाले बच्चों में बड़े होने पर मानसिक विकारों का कम खतरा होता है। जो लोग नियमित रूप से पार्कों और हरेभरे स्थानों के पास रहते हैं, प्रकृति से अपना जुड़ाव रखते हैं, वे ज्यादा स्वस्थ होते हैं और लंबे समय तक जीते हैं। प्रकृति के संपर्क में रहने से, व्यायाम करने से, उनके स्वास्थ्य पर उसका पॉजीटिव असर होता है।

हम 10-15 मिनट बाहर खड़े होकर धूप सेंकते हैं, तो सुकून का अहसास होता है। थोड़ी देर घास पर पैदल चलें, आपको बहुत अच्छा लगेगा। टहलने जाएं तो गहरी सांसें लें। अपने घर की बालकनी में हरियाली का मजा लें। वहां लैपटॉप से काम करें। पिकनिक पर जाएं, वहां गेम्स खेलें। नदी में नौका विहार करें। घर के पास किसी पेड़ के नीचे बैठकर किताब पढ़ें। अपने टेरेस पर एक गार्डेन बनाकर वहां भोजन पकाकर खाएं। कुछ भी ऐसी एक्टिविटी करें, जिससे प्रकृति के साथ आपको समय गुजारने का मौका मिले।