क्रूर हत्यारे असद का घर जल्द आयेगा योगी के महाबली की जद में, अवैध कब्जा होगा ध्वस्त

The house of the brutal murderer Asad will soon come under the purview of Yogi's Mahabali, illegal occupation will be demolished

दीपक कुमार त्यागी

  • पिता नवाब को 15 दिवस में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने के आदेश, अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार होगी कार्रवाई
  • पात्र व्यक्तियों को सहयोग, सरकारी भूमि की सुरक्षा पर प्रशासन का विशेष जोर: उपजिलाधिकारी अरूण दीक्षित

गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश के क्रम में जनपद गाजियाबाद प्रशासन द्वारा एक ओर जहां पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों को शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।

इसी क्रम में, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से खोड़ा कॉलोनी निवासी सरोज पत्नी कौशलेन्द्र सिंह चौहान को उनके पुत्र स्वर्गीय सूर्या चौहान की 28 मई 2026 ईद को असद के द्वारा की गयी निर्मम तरीके से हत्या के उपरांत परिवार के भरण-पोषण हेतु रूपये 5,00,000 (पांच लाख रुपये) की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। उक्त सहायता जिलाधिकारी गाजियाबाद की संस्तुति पर प्रदान की गई है। स्वीकृत धनराशि का चेक उपजिलाधिकारी सदर अरुण दीक्षित द्वारा लाभार्थी को प्रदान किया गया। प्रशासन ने आशा व्यक्त की है कि यह आर्थिक सहायता परिवार को कठिन परिस्थितियों में संबल प्रदान करेगी।

वहीं दूसरी ओर, हत्यारे असद के घर को महाबली से ध्वस्त करने की तैयारी भी शुरू हो गयी है। योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति पर तुरंत ही गाजियाबाद प्रशासन ने अमल करते हुए हत्यारे असद के घर के राजस्व अभिलेखों की जांच भी शुरू कर दी है। जांच में राजस्व अभिलेखों में दर्ज ग्राम खोड़ा, परगना लोनी, तहसील एवं जनपद गाजियाबाद स्थित खसरा संख्या-70 की सरकारी बंजर भूमि (श्रेणी 5-3-क) में नवाब द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया। इसके उपरांत उपजिलाधिकारी सदर अरूण दीक्षित द्वारा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 136 के अंतर्गत संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी / चस्पा करते हुए निर्देशित किया गया है कि नोटिस प्राप्ति के 15 दिवस के भीतर सरकारी भूमि से अवैध कब्जा स्वयं हटा लें अन्यथा नियमानुसार विधिक कार्रवाई करते हुए कब्जा प्रशासन द्वारा हटाया जाएगा तथा कब्जे को हटाने से संबंधित सभी व्यय की वसूली भी नियमानुसार अवैध कब्जा धारक से की जाएगी।

गाजियाबाद जनपद के प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र व्यक्तियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी तथा सार्वजनिक एवं सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा। कानून व्यवस्था एवं राजस्व नियमों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।