‘कविता के साथ एक शाम’

‘An evening with poetry’

रविवार दिल्ली नेटवर्क

कोलकाता : साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच ‘नव-सृजन: एक सोच’ के तत्वावधान में ऑनलाइन काव्य गोष्ठी ‘कविता के साथ एक शाम’ का आयोजन किया गया। ‘आभासी मंच, सजीव संवेदनाएँ’ की भावना के साथ आयोजित इस गोष्ठी में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्य, समाज, संवेदना और जीवन के विविध रंगों को अभिव्यक्त किया।

कार्यक्रम के संस्थापक रवि कुमार ‘रवि’ एवं अमित कुमार अम्बष्ट ‘आमिली’ भी इस गोष्ठी में शामिल हुए । गोष्ठी का शुभारंभ अनु नेवटिया के स्वागत भाषण से हुआ। इसके पश्चात रमाकांत सिन्हा ‘सुजीत’ ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को साहित्यिक एवं आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया।

काव्य पाठ में रवि कुमार ‘रवि’, ज्योति कुंदर, नवीन कुमार सिंह, रमाकांत सिन्हा ‘सुजीत’, भारती मिश्रा, मंजू रवि, अमित कुमार अम्बष्ट ‘आमिली’, अनु नेवटिया, राजेंद्र सिंह रावत, छाया सिंह, गणेश नाथ तिवारी ‘विनायक’, सीमा कुमारी साह, डॉ. शिप्रा मिश्रा एवं स्वागता बसु ने अपनी-अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं। रचनाओं में प्रेम, प्रकृति, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदना, रिश्तों और समकालीन जीवन के विविध पक्षों की प्रभावशाली अभिव्यक्ति देखने को मिली।

कार्यक्रम का संचालन मौसमी प्रसाद ने सहज एवं प्रभावशाली अंदाज में किया। उन्होंने अपनी संचालन क्षमता से पूरी काव्य संध्या को जीवंत बनाए रखा और रचनाकारों को क्रमशः मंच प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में भारती मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी रचनाकारों, श्रोताओं एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

ऑनलाइन आयोजित इस काव्य गोष्ठी ने यह संदेश दिया कि तकनीक की सीमाओं के बावजूद साहित्य और कविता मानवीय संवेदनाओं को जोड़ने का सशक्त माध्यम बने रह सकते हैं। ‘नव-सृजन: एक सोच’ की इस पहल को साहित्यप्रेमियों ने एक सार्थक और सराहनीय प्रयास के रूप में देखा।