टीएमयू में भव्यता और भक्तिभाव के साथ दसलक्षण महापर्व का शुभारंभ

Dashalakshan Mahaparv begins at TMU with grandeur and devotion

रविवार दिल्ली नेटवर्क

वंदितु सव्वसिद्धे के मंगल उद्घोष और ‘जय जिनेंद्र’ के जयघोष से गूंजा विश्वविद्यालय परिसर

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) परिसर, मुरादाबाद में पर्वाधिराज दसलक्षण महापर्व-2026 का शुभारंभ आज अत्यंत भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में हुआ। ‘वंदितु सव्वसिद्धे’ के मंगल उद्घोष और ‘जय जिनेंद्र’ के जयघोष से पूरा विश्वविद्यालय परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। महापर्व के प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म की आराधना की गई। महोत्सव का शुभारंभ कुलाधिपति श्री सुरेश जैन द्वारा त्रैलोक्य मांगल्य विधायक ध्वजारोहण के साथ हुआ। जिनशासन की पावन पताका के ध्वजारोहण के पश्चात् सौधर्म इंद्र के रूप में डीन मेडिकल श्री एस. के. जैन ने श्रीजी को भक्तिभाव से अपने मस्तक पर धारण कर मनोहारी पालकी में विराजमान किया। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और मंगल ध्वनियों के बीच श्रीजी का मंगल विहार जिनालय से परिसर स्थित रिद्धि-सिद्धि भवन तक कराया गया। श्रीजी की पालकी उठाने का सौभाग्य विश्वविद्यालय के छात्र कलश जैन, दिव्यम, अस्तित्व, लक्ष्य, प्रणांत, प्रांजल, आर्जव और भव्यम जैन को प्राप्त हुआ। वहीं अष्टकुमारियों के रूप में अष्ट प्रातिहार्य लेकर चलने का पुण्य छात्राओं अनुष्का, अन्वेषा, यशासना, वंशिका, नव्या, आस्था, पूर्वी और मणि जैन ने अर्जित किया। रिद्धि-सिद्धि भवन में श्रीजी को भव्य पांडुकशिला पर विधि-विधानपूर्वक विराजमान किया गया। छात्र हिमांग, पुलक, लक्ष्य और हर्ष जैन ने स्वर्ण कलश से भगवान का अभिषेक किया। इसके बाद स्वर्ण झारी से शांतिधारा का पुण्य लाभ कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन ने प्राप्त किया। रजत झारी से शांतिधारा करने का सौभाग्य छात्र ऋषभ, सौरभ, अनिकेत, शौर्य, कृष और सक्षम जैन को मिला। इस अवसर पर टीएमयू के कुलपति श्री वी. के. जैन सहित विभिन्न संकायों के फैकल्टी सदस्यों तथा 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के करीब 1000 छात्र-छात्राओं ने श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ श्रीजी की सामूहिक पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम के दौरान जैन धर्म के सर्वमान्य ग्रंथ तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्ष शास्त्र) के प्रथम अध्याय का भवताप नाशक वाचन छात्रा सुरक्षा जैन ने किया। महोत्सव की सभी मांगलिक क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य पंडित ऋषभ जी शास्त्री (सम्मेद शिखर जी) के कुशल मार्गदर्शन में विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुईं। दसलक्षण महापर्व के माध्यम से उत्तम क्षमा सहित धर्म के दस लक्षणों को जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया गया। आयोजन का उद्देश्य सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र की एकता के माध्यम से जीवन में धर्म और आत्मकल्याण की भावना को सुदृढ़ करना है। इस अवसर पर कुलपति प्रोफ़ेसर वी.के. जैन के डॉ. विपिन जैन, श्री मनोज कुमार जैन, डॉ. करुणा जैन, अहिंसा जैन, डॉ. विनोद कुमार जैन, डॉ. अक्षय कुमार जैन, डॉ. अर्चना जैन, अंकित जैन, आदित्य कुमार जैन और स्वाति जैन सहित सभी जैन फैकल्टी उपस्थित थे।