रत्नज्योति दत्ता
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर विस्तार के जरिए दिल्ली को भारत की ‘सोलर कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य रखा है। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को सोलर वेंडर्स और अन्य हितधारकों से सरकार के साथ मिलकर इस दिशा में काम करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के संबंध में आयोजित सोलर वेंडर्स मीट को संबोधित करते हुए सूद ने कहा कि दिल्ली में सौर ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर काम करेगी और क्रियान्वयन की गति बढ़ाने पर जोर देगी।
सूद ने कहा, “हम दिल्ली को भारत की ‘सोलर कैपिटल’ बनाना चाहते हैं। देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी जिस गति और व्यापक स्तर पर काम करते हैं, हम उनके अनुयायी हैं और उसी गति से काम करने का प्रयास करेंगे। हम जितनी जल्दी संभव हो सके, उतनी तेजी से और बड़े स्तर पर काम करेंगे।”
उन्होंने कहा कि सरकार सोलर वेंडर्स और उपभोक्ताओं के सामने आने वाली भुगतान संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए नई व्यवस्था लागू कर रही है। इसके तहत वेंडर्स को भुगतान की प्रक्रिया में सरकार की भूमिका बढ़ाई गई है, ताकि उपभोक्ताओं से अग्रिम भुगतान की आवश्यकता से जुड़ी समस्या कम हो।
“उपभोक्ता भी अग्रिम भुगतान करने में हिचकिचाते हैं। इसलिए सरकार ने आपके और उपभोक्ता के बीच की इस बाधा को दूर कर दिया है। हम पूरी राशि का भुगतान करेंगे। सरकार इसकी जिम्मेदारी ले रही है,” मंत्री ने कहा।
ऊर्जा विभाग ने योजना के तहत सोलर वेंडर्स के पंजीकरण के लिए एक समर्पित पोर्टल भी शुरू किया है। सूद ने वेंडर्स से योजना को अधिक सुचारु और तेज गति से लागू करने के लिए सुझाव एवं फीडबैक देने को कहा।
सरकार के अनुसार, आने वाले महीनों में करीब 2.30 लाख सोलर पैनल इंस्टॉलेशन को सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए अगले छह महीनों में लगभग 2,600 करोड़ से 2,700 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है।
सूद ने कहा कि सौर ऊर्जा के विस्तार से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ दिल्ली की अर्थव्यवस्था, स्थानीय रोजगार और हरित विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार, सोलर वेंडर्स, उद्योग और नागरिकों के बीच मजबूत साझेदारी जरूरी है।





