डॉ. स्मिता जोशी एवं डॉ. शुक्लाबेन रावल को अमेरिका में मिला “भारत सेवा सम्मान” से सम्मानित

Dr. Smita Joshi and Dr. Shuklaben Rawal honored with the "Bharat Seva Samman" in the USA

नीति गोपेन्द्र भट्ट

ऑरलैंडो, फ्लोरिडा : बाल्यावस्था में होने वाले टाइप-1 डायबिटीज़ की स्क्रीनिंग, समय पर पहचान, बेहतर प्रबंधन और प्रभावी स्वास्थ्य नीति के लिए भारत में पिछले आठ वर्षों से निरंतर जन-जागरूकता एवं वकालत करने के उल्लेखनीय प्रयासों के लिए भारत की दो चिकित्सक बहनों डॉ. स्मिता जोशी एवं डॉ. शुक्लाबेन रावल को प्रतिष्ठित *भारत सेवा सम्मान अवार्ड *से सम्मानित किया गया है ।

यह सम्मान अमेरिका के ऑरलैंडो, फ्लोरिडा स्थित हिल्टन में आयोजित गुजराती इंडियन फिजिशियंस कन्वेंशन (जीपीसी ) -2026 के दौरान बीएमसीएए कन्वेन्शन कमेटी द्वारा आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। चिकित्सा क्षेत्र के इस प्रतिष्ठित मंच पर मिला यह सम्मान भारत में टाइप-1 डायबिटीज़ से प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तथा प्रभावी स्वास्थ्य नीति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृह नगर वड़ नगर के निकट विश नगर में रहने वाली डॉ. स्मिता जोशी एवं डॉ. शुक्लाबेन रावल पिछले आठ वर्षों से टाइप-1 डायबिटीज़ को लेकर देश विदेश में जागरूकता बढ़ाने, बच्चों में समय पर स्क्रीनिंग, उचित प्रबंधन और इस विषय को केंद्र सरकार की स्वास्थ्य नीति में शामिल कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनका उद्देश्य केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों और उनके परिवारों को समय पर जानकारी, आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर जीवन की संभावनाएं उपलब्ध कराना भी है।

प्रतिष्ठित *भारत सेवा सम्मान अवार्ड * प्राप्त करने के बाद दोनों चिकित्सकों ने जीपीसी -2026 के चेयरमैन तथा संपूर्ण आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि मात्र नहीं है, बल्कि भारत में टाइप-1 डायबिटीज़ के साथ जीवन जी रहे बच्चों और उनके परिवारों को समर्पित है।

उन्होंने कहा कि इस सम्मान ने उनके संकल्प को और अधिक मजबूत किया है। भारत में टाइप-1 डायबिटीज़ से प्रभावित बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जागरूकता, समय पर पहचान, उचित उपचार और प्रभावी स्वास्थ्य नीति की दिशा में उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।दोनों चिकित्सकों ने अपने सहयोगियों, शुभचिंतकों और इस मिशन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आशीर्वाद मायने रखते हैं।” इस यात्रा में मिला प्रत्येक आशीर्वाद, सहयोग और प्रोत्साहन इस मिशन की सफलता में समान रूप से महत्वपूर्ण भागीदार है।

उल्लेखनीय है कि गुजराती इंडियन फिजिशियंस कन्वेन्शन अमेरिका में कार्यरत गुजराती मूल के चिकित्सकों का एक प्रमुख सम्मेलन है। ऐसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर “भारत सेवा सम्मान अवार्ड ” से सम्मानित होना डॉ. स्मिता जोशी एवं डॉ. शुक्लाबेन रावल के लिए ही नहीं, बल्कि भारत में बाल स्वास्थ्य और टाइप-1 डायबिटीज़ के क्षेत्र में चल रहे जन-जागरूकता प्रयासों के लिए भी गौरव का विषय है।

दोनों चिकित्सकों ने इस अवसर पर पुनः संकल्प व्यक्त किया कि टाइप-1 डायबिटीज़ से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा भारत में इस दिशा में प्रभावी नीति और जागरूकता को मजबूत करने के लिए उनकी सेवा-यात्रा निरंतर जारी रहेगी।