रविवार दिल्ली नेटवर्क
नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़े कथित फूड सप्लाई घोटाले के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। विभिन्न स्तरों पर सामने आई अनियमितताओं और शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, शिकायतों में सरकारी राशन प्रणाली के अंतर्गत वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न के भंडारण, परिवहन और वितरण में कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने वाला खाद्यान्न बीच में ही डायवर्ट किए जाने और वितरण व्यवस्था में गड़बड़ियों की आशंका है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों या अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों के लिए निर्धारित राशन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने संबंधित विभागों से रिकॉर्ड और वितरण व्यवस्था का सत्यापन शुरू कर दिया है। जांच एजेंसियां दस्तावेजों, स्टॉक रजिस्टरों और वितरण प्रक्रिया की समीक्षा कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की संभावना है।
इस मामले पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्ष ने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी निष्पक्षता से कराई जाएगी।





