रविवार दिल्ली नेटवर्क
नई दिल्ली : बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने गुरुवार को राज्य में ग्रामीण विद्युतीकरण की प्रगति और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे कदमों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि राज्य में 2.5 लाख गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों को रूफटॉप सोलर सिस्टम उपलब्ध कराने तथा 2,560 कृषि फीडरों के सोलरीकरण का लक्ष्य रखा गया है।
नई दिल्ली में आयोजित 19वें पर्यावरण एवं ऊर्जा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि बिजली के बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश ने बिहार के ऊर्जा क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। बिहार इस सम्मेलन का राज्य साझेदार था। द बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (बीसीसीआई) द्वारा ले मेरिडियन में आयोजित सम्मेलन की थीम थी— “बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में आत्मनिर्भर भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा।”
“हर घर बिजली: बिहार की ग्रामीण विद्युतीकरण यात्रा” विषय पर अपने संबोधन में कुमार ने कहा कि बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच भारत के आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ऊर्जा सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “बिजली क्षेत्र में बिहार की यात्रा इस बात का उदाहरण है कि निरंतर निवेश और राजनीतिक इच्छाशक्ति से क्या हासिल किया जा सकता है। एक समय ऐसा था जब राज्य में बुनियादी बिजली की पहुंच भी चुनौती थी, लेकिन आज हमने ऐसा बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया है, जो हर घर और हर खेत तक बिजली पहुंचाने में सक्षम है।”
मंत्री ने कहा कि बिहार ने बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है। इसके तहत ग्रिड, सब-स्टेशनों और ट्रांसमिशन लाइनों का विस्तार किया गया है। राज्य में बिजली की अधिकतम मांग अब करीब 9,475 मेगावाट तक पहुंच गई है।
स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए कुमार ने कहा कि अक्टूबर के अंत तक 2.5 लाख बीपीएल परिवारों को एक-एक किलोवाट क्षमता वाले रूफटॉप सोलर सिस्टम उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसके बाद इस योजना का विस्तार 2.5 लाख अन्य परिवारों तक किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य में लक्षित 2,560 कृषि फीडरों में से करीब 2,000 से 2,200 का सोलरीकरण पहले ही किया जा चुका है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को सस्ती और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
कुमार ने कहा कि बिहार ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में काम जारी रखेगा तथा इस क्षेत्र में निवेश और साझेदारी के लिए राज्य तैयार है।
सम्मेलन में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) के महानिदेशक कृष्ण चंद्र पाणिग्रही, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के पूर्व महानिदेशक अजय माथुर, एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक विजय गोयल और जेएसडब्ल्यू एनर्जी के उपाध्यक्ष अभिषेक चटर्जी सहित कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
बांग्लादेश, नॉर्वे और डेनमार्क के प्रतिनिधियों ने भी सम्मेलन में भाग लिया।





