भारत पुरुष हॉकी फाइनल में मलयेशिया के खिलाफ चौकस रह स्वर्ण बरकरार रख नया इतिहास रचने उतरेगा

India will step out to make history by retaining the gold medal, while remaining vigilant against Malaysia in the men's hockey final

  • भारत की कोशिश मलयेशिया के खिलाफ फाइनल निर्धारित समय में जीतने की
  • भारत के अभिषेक, दिलप्रीत व सुखजीत को मैदानी गोल करने के साथ पेनल्टी कॉर्नर बनाने होंगे
  • मलयेशिया के स्ट्राइकर अबू कमल व ड्रैग फ्लिकर फैजल सारी से चौकस रहना होगा

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : हरमनप्रीत की अगुआई में मौजूदा चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम पूरी तरह चौकस रह अपनी जीत का सिलसिला जारी रख कर दो बार उपविजेता रही मलयेशिया के खिलाफ 2026 के एशियाई खेलों के फाइनल में काकामिगहारा (जापान) में शनिवार को अपना स्वर्ण पदक बरकरार रख नया इतिहास रचने के मकसद से उतरेगी। चार बार चैंपियन व 9 बार की उपविजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम मलयेशिया से फाइनल जीत सीधे 2028 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक सीधे क्वॉलिफाई करने के मकसद से उतरेगी। भारत को पहली बार एशियाई खेलों में अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखना है तो उसे पलटवार कर आखिरी क्षण में बाजी पलटने का जज्बा दिखाने वाली मलयेशिया के खिलाफ पूरी तरह चौकस रहना होगा। भारत और मलयेशिया ने अपने अपने पूल में शीर्ष पर रहने के बाद अपने अपने सेमीफाइनल कड़े संघर्ष के बाद जीते। भारत और मलयेशिया चेन्नै में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के बाद पहली बार आमने सामने होंगी और वह भी फाइनल में। ऐसे में दोनों टीमों के बीच फाइनल बेहद रोमांचक रहने की उम्मीद है।

भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल तीसरा क्वॉर्टर खत्म होने के ठीक पहले 3-0 की बढ़त को कहासुनी के बाद गंवा चौथे और आखिरी क्वॉर्टर के अधबीच गंवा तीन तीन की बराबरी पर मजबूर होने के बाद अभिषेक के आखिरी मिनट में दागे गोल से 4-3 से जीतने के बाद राहत की सांस जरूर ली। भारत को इस ‘झटके’ ने उसे फाइनल के लिए जरूर चौकस कर दिया होगा। भारत टीम एशियाई खेलों में मलयेशिया से 2010 में ग्वांगझाउ (चीन) और 2018 में जकार्ता में सेमीफाइनल मैचों में आखिरी मिनट में गोल खाने अतिरिक्त समय और शूटआउट में हार चुकी है। भारत को इसीलिए मलयेशिया के खिलाफ शनिवार को यह फाइनल निर्धारित समय में जीतने और अतिरिक्त समय में खिंचने से बचने की कोशिश करनी होगी क्योंकि गोलरक्षक सूरज करकेरा और मोहित शशिकुमार ही उसकी सबसे कमजोर कड़ी हैं।

भारत को मलयेशिया के लिए सबसे ज्यादा नौ नौ गोल करने वाले उसके स्ट्राइकर अबू कमल अजरई और ड्रैग फ्लिकर फैजल सारी से पूरी तरह चौकस रहना होगा। भारत को फाइनल में मलयेशिया पर जीत दर्ज करनी है तो उसके लिए नौ नौ गोल करने वाले सबसे चतुर स्ट्राइकर अभिषेक नैन के साथ दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, शिलानंद लाकरा और अनुभवी मंदीप सिंह को पूरे तालमेल के साथ खेलने के साथ खुद मैदानी गोल करने के साथ ज्यादा से ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर बनाने होंगे।इससे अब तक इन एशियाई खेलों में भारत के लिए सबसे ज्यादा दस गोल करने वाले वाले कप्तान हरमनप्रीत सिंह पेनल्टी कॉर्नर पर अपने ‘ब्रह्मास्त्र’ ड्रैग फ्लिक से मलयेशिया के किले को बिखेर कर गोल कर सके।

मध्यपंक्ति में अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद व नीलकांत शर्मा को जोश के साथ होश और रक्षापंक्ति में कप्तान हरमनप्रीत सिंह , अमित रोहिदास, जुगराज सिह, जर्मनप्रीत सिह व सुमित को मुस्तैदी से किले की चौकसी करनी होगी। भारत का एशियाई खेलों में सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ बृहस्पतिवार को हाफ टाइम तक की 3-1 की बढ़त को गंवा कर आखिरी 4-3से मैच जीतना और एम्सतलवीन(नीदरलैंड) में विश्व कप में 2-1 की बढ़त लेने के बाद तीसरे क्वॉर्टर में बेवजह अपने ‘खोल’ मे जाकर रक्षण पर उतरना जरूर चीफ कोच क्रेग फुल्टन की रणनीति पर सवाल खड़े करता है। भारत के चीफ कोच फुल्टन ने हालांकि पाकिस्तान के खिलाफ 3-0 की बढ़त को गंवा पाकिस्तान को तीन तीन की बराबरी का मौके देने पर नाराजगी जताई है लेकिन उन्हें अपने शार्गिदों को यह बात साफ तौर बतानी होगी कि उनकी टीम की ताकत उसका ‘आक्रमण ही सर्वश्रेष्ठ रक्षण’का मूलमंत्र है। भारत को मलयेशिया के खिलाफ फाइनल में शुरू में बढ़त लेने की कोशिश करने के बाद इसे बरकरार ही नहीं बढ़ाने की रणनीति अपनानी होगी।

भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने माना कि टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ रक्षापंक्ति में बेवजह गलतियां की और फाइनल में मलयेशिया के खिलाफ उसे इस तरह की गलतियों से बचकर मजबूती से अपने किले की चौकसी करनी होगी। भारत का पाकिस्तान की खिलाफ सेमीफाइनल में आसानी से हासिल की जाने वाली जीत को बेवजह मुश्किल बना कर हासिल करने का सबक यही है कि उसे मैदान पर प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों से उलझने की बजाय गेंद को अपना फोकस गेंद को अपने कब्जे में लेने पर लगाना होगा।

भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने सेमीफाइनल सहित अब तक टीम के लिए सबसे ज्यादा दस गोल दागे हैं जबकि अभिषेक नैन और दिलप्रीत सिंह ने नौ नौ, सुखजीत सिह व जुगराज सिंह ने छह छह, शिलानंद लाकरा ने पांच, मंदीप सिंह ने तीन, राजिंदर सिंह ने दो तथा विवेक सागर प्रसाद, संजय और मनप्रीत सिंह ने एक एक गोल किया। भारत ने सेमीफाइनल सहित छह मैचों में 53 गोल किए और सात गोल खाए और उसका गोल अतर +47 रहा।

मलयेशिया के लिए अबू कमल अजरई व फैजल सारी ने नौ नौ, अखिमुल्लाह अनूर ने तीन, फैज जारी, अशरान हमसानी व फित्री सारी ने दो दो , मुहाजिर अब्दू रउफ,अजीमुद्दीन कमरुद्दीन,अमीनुद्दीन मोहम्मद जेन,आइमन राजमी व नूरशफीक सुमंत्री ने एक एक गोल किया। मलयेशिया ने सेमीफाइनल छह मैचों में 36 गोल किए और पांच गोल खाए और उसका गोल अंतर + 31 रहा। मलयेशिया को अपने चुनौती पूल बी में पाकिस्तान से मिली जिसे उसने 5-4से और अबू कमल अजरई के दो गोल सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को हराया।

मलयेशिया के खिलाफ ध्यान रणनीति को अमली जामा पहनाने पर :फुल्टन
भारत के चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने कहा,‘ मलयेशिया ने अब तक मौजूदा एशियाई खेलों में अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है और इसलिए उनके खिलाफ फाइनल खासा रोचक रहने की उम्मीद है। हम मलयेशिया के खिलाफ हालांकि लंबे समय से नहीं खेले हैं। मुझे जहां तक याद पड़ता है हम मलयेशिया के खिलाफ आखिरी बार चेन्नै में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में खेले थे। भारत और मलयेशिया दोनों ही तेज रफ्तार आक्रामक हॉकी खेलती हैं। दोनों टीम के पास हॉकी की कलाकारी है। फाइनल में मलयेशिया के खिलाफ हमारा ध्यान अपनी योजना को अमली जामा पहनाने पर रहेगा। हम मैदान उतर कर अपना सब कुछ झोंक देना चाहते हैं।
शनिवार हॉकी (फाइनल): भारत वि मलयेशिया, दोपहर बाद साढ़े तीन बजे से।